चेनारी (रोहतास): बरसात के मौसम में दुर्गावती डैम की ऊपरी सतह पर बने सड़क मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जल संसाधन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से डैम के रोहतास और कैमूर दोनों छोर पर बने मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही डैम की ऊपरी सड़क पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. विभाग के इस निर्णय के बाद अब डैम के इस मार्ग पर अनावश्यक रूप से वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह अंकुश लग गया है.
स्टंटबाजी के कारण लगातार बढ़ रही थी दुर्घटनाएं
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बरसात के दौरान डैम क्षेत्र में पानी के बढ़ते दबाव और मार्ग पर फिसलन के चलते गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा हो जाता है. इसे देखते हुए ऊपरी सतह पर बने सड़क मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश को पहले से ही प्रतिबंधित रखा गया था. अब सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए दोनों तरफ के गेट बंद कर दोपहिया व चारपहिया वाहनों की आवाजाही भी रोक दी गई है.
अधिकारियों ने बताया कि पहले कई युवा डैम की ऊपरी सड़क पर दोपहिया वाहनों से खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो बनाते थे और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करते थे. इस तेज गति और लापरवाही के कारण पूर्व में कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. इन हादसों की रोकथाम और पर्यटकों की हिफाजत के लिए गेट बंद करने का फैसला लिया गया है. परिसर की निगरानी के लिए कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है.
लोगों ने उठाई पर्यटकों की सुविधा की बात
इधर, स्थानीय ग्रामीण अजय कुमार, सोनू गुप्ता, अरविंद चौरसिया और रमन गुप्ता सहित अन्य लोगों का कहना है कि डैम क्षेत्र में प्रकृति का नजारा देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. खासकर अवकाश के दिनों और सुहाने मौसम में रोहतास, कैमूर सहित आसपास के अन्य जिलों से बड़ी तादाद में सैलानी यहां पहुंचते हैं. ऐसे में सुरक्षा प्रबंधों को कड़ा करने के साथ-साथ पर्यटकों की बुनियादी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना बेहद आवश्यक है, ताकि पर्यटन प्रभावित न हो.
नौका विहार के लिए वैकल्पिक वाहन दे विभाग: मंगल राम
चेनारी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी व कांग्रेस नेता मंगल राम ने कहा कि डैम का गेट बंद होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आना स्वागतयोग्य है और सुरक्षा के लिहाज से विभाग का यह कदम उचित है. हालांकि, दूर-दराज से आने वाले सैलानियों को डैम के मुख्य भाग और नौका विहार का आनंद लेने में काफी पैदल चलना पड़ रहा है, जिससे उन्हें असुविधा हो रही है. उन्होंने जल संसाधन विभाग से मांग की कि पर्यटकों को डैम के सुरक्षित हिस्से और नौका विहार स्थल तक पहुंचाने के लिए विभाग अपनी ओर से नियंत्रित चारपहिया वाहन या शटल सेवा की व्यवस्था करे, ताकि सुरक्षा से समझौता किए बिना सैलानी प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें.
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