रोहतास महिला कॉलेज का पांच दिवसीय स्थापना दिवस समारोह शुरू

वाद-विवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं ने दिखायी प्रतिभा, पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव पर हुई रोचक बहस

सासाराम ऑफिस. रोहतास महिला कॉलेज सासाराम में पांच दिवसीय स्थापना दिवस समारोह सह वार्षिक उत्सव ‘परवाह’ का शुभारंभ सोमवार को हर्षोल्लास के साथ हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत छात्रा खुशबू कुमारी द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से की गयी. प्रथम दिन के कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य डॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह ने किया. उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज अथवा किसी भी शैक्षणिक संस्थान में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम सभ्य, मर्यादित और शैक्षणिक वातावरण के अनुरूप होने चाहिए. उन्होंने छात्राओं से अनुशासन, शिष्टाचार, सम्मानजनक व्यवहार और पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि सकारात्मक और सीखने योग्य माहौल से ही छात्राओं का सर्वांगीण विकास संभव है. डीजे संस्कृति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्राचार्य ने कहा कि देश में डीजे पर प्रतिबंध नहीं है, बल्कि डीजे बनाने वाली कंपनियों पर ही रोक लगनी चाहिए, ताकि भविष्य में ध्वनि प्रदूषण की समस्या उत्पन्न न हो. इससे पूर्व कार्यक्रम के विषय और उद्देश्य पर एनएसएस पदाधिकारी डॉ मोहम्मद शमशेर आलम ने प्रकाश डाला. अन्य वक्ताओं ने कॉलेज के इतिहास पर चर्चा करते हुए बताया कि रोहतास महिला कॉलेज की स्थापना तत्कालीन जिलाधिकारी एसपीएन सिन्हा की परिकल्पना का परिणाम थी. क्षेत्र में लड़कियों की भयावह निरक्षरता को देखते हुए शिक्षाविदों, व्यापारियों, नौकरशाहों, बुद्धिजीवियों और स्थानीय नागरिकों को एकजुट कर कॉलेज की स्थापना की गयी. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर वर्ष 1975 में कॉलेज अस्तित्व में आया. शुरुआती दौर में 23 छात्राओं के साथ शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हुईं, जो अगले सत्र में बढ़कर 150 तक पहुंच गयीं. अब तो जो है, आप सबके सामने है. इसके बाद डिबेटिंग सोसायटी (विचार सोसायटी) के तत्वावधान में ‘पश्चिमी सभ्यता का भारतीय सभ्यता पर प्रभाव’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. इसमें तरानी तनुजा, शिवानी, शालिनी, सत्या और सोनाली ने पक्ष में अपने विचार रखे, जबकि सौम्या श्रीवास्तव, खुशबू, रागनी और प्रिया ने विपक्ष में तर्क प्रस्तुत किए. प्रतियोगिता की समन्वयक आकांक्षा रहीं. कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्रोफेसर, कर्मचारी एवं छात्राएं शामिल रहीं. स्थापना दिवस समारोह के आगामी दिनों में भी विविध शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे.

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Published by: Panchdev kumar

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