Narayan Medical College CME : सासाराम स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (जीएनएसयू) के अंतर्गत संचालित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हार्ट अटैक) विषय पर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर एकीकृत सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल छात्रों को हृदयाघात के कारण, पहचान, उपचार और रोगी प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था.
Sasaram News : विशेषज्ञों ने हृदयाघात के विभिन्न पहलुओं पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य, अधिष्ठाता (डीन), चिकित्सा अधीक्षक एवं मेडिकल एजुकेशन यूनिट के मार्गदर्शन में हुआ. इसमें चिकित्सा स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विशेषज्ञों ने एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, जैव रसायन, पैथोलॉजी, जनरल मेडिसिन और कार्डियोलॉजी के दृष्टिकोण से मायोकार्डियल इन्फार्क्शन के कारण, रोगजनन, पहचान, उपचार और रोगी प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी.
Rohtas News : केस आधारित चर्चा से बढ़ी नैदानिक समझ
कार्यक्रम के दौरान केस आधारित चर्चा, अकादमिक संवाद और विभिन्न विभागों की सहभागिता के माध्यम से छात्रों की नैदानिक समझ, निर्णय क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया. विशेषज्ञों ने कहा कि समेकित चिकित्सा शिक्षा से रोगों के वैज्ञानिक विश्लेषण और बेहतर उपचार की क्षमता विकसित होती है.
आधुनिक चिकित्सा शिक्षा की दिशा में अहम पहल
कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम छात्रों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के अनुरूप दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गुणवत्तापूर्ण, समेकित और नवाचार आधारित चिकित्सा शिक्षा के माध्यम से दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी चिकित्सकों के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत है.
