Rohtas News : पेपर लीक की घटनाओं, नई शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के विरोध में शनिवार को आईसा-आरवाई एवं भगत सिंह छात्र संगठन के नेतृत्व में बिक्रमगंज में विरोध-प्रदर्शन किया गया. काली स्थान से निकला जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए तेंदुनी चौक पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई.
पेपर लीक से छात्रों के भविष्य पर संकट का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने पर जोर दिया.
नई शिक्षा नीति और एनटीए पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने तथा शिक्षा के निजीकरण और भगवाकरण पर रोक लगाने की मांग की. साथ ही दिल्ली, पटना सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर उन्हें रिहा करने की भी मांग उठाई.
'पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था तक जारी रहेगा आंदोलन'
छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक छात्र-युवाओं का आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है.
कई छात्र-युवा नेताओं ने किया संबोधित
सभा को राजेश कुमार, अरविंद कुमार, मणिकांत कुमार, अरुण कुमार, सुंदरलाल राम, श्रीकांत कुमार, अमर कुमार, विकास कुमार, प्रकाश यादव, छोटू कुमार, रंजीत कुमार, विवेक कुमार, गोवर्धन पासवान, राहुल कुमार, धीरेंद्र यादव, भारत कुमार एवं असगर हुसैन ने संबोधित किया. कार्यक्रम का आयोजन आईसा, रोहतास के बैनर तले किया गया.
