Sasaram News : बिक्रमगंज नगर की वर्तमान तस्वीर अब बदलने वाली है. नगर क्षेत्र से सटे कई गांवों और मौजों को शामिल किए जाने के साथ इसकी मौजूदा सीमा का विस्तार किया जा रहा है. पूर्व में नगर में शामिल क्षेत्रों के साथ अब आसपास के नए इलाकों को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. पहली बार होने वाले इस बड़े विस्तार के बाद नगर के वर्तमान 27 वार्डों की संरचना में बदलाव होगा और वार्डों की संख्या बढ़कर कम से कम 35 होने की संभावना जतायी जा रही है.
बीडीओ ने भेजा नगर विस्तार का प्रस्ताव
जिलाधिकारी के निर्देश पर बिक्रमगंज के बीडीओ सुनील गौतम ने नगर विस्तार से संबंधित प्रस्ताव भेज दिया है. प्रस्ताव में नगर की चारों दिशाओं में प्रस्तावित सीमा और शामिल किए जाने वाले मौजों का विवरण दिया गया है. अब आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए नगर क्षेत्र और वार्डों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी.
वर्तमान में बिक्रमगंज नगर परिषद में 27 वार्ड हैं. इनमें तेंदुनी, धारूपुर, सिकरियां, थाना चौक और धनगाई समेत नगर के विभिन्न हिस्से शामिल हैं. अब आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को नगर में शामिल किए जाने के बाद मौजूदा वार्डों की सीमाओं का भी नये सिरे से परिसीमन किया जाएगा.
इन छह गांवों के मौजे होंगे नगर क्षेत्र का हिस्सा
भेजे गये प्रस्ताव के अनुसार, नगर के पूरब में धारूपुर की वर्तमान सीमा को बदलते हुए सलेमपुर मौजा तक नगर का विस्तार किया जाएगा. इसकी सीमा सुग्गी बाल तक होगी.
वहीं, नगर की पश्चिमी सीमा बसगीतिया गांव तक ही रहेगी. इस दिशा में फिलहाल किसी तरह का बदलाव प्रस्तावित नहीं है. उत्तर दिशा में भी नगर का दायरा काफी बढ़ाया जाएगा. सिलौटा मौजा से आगे धावा पुल और उसके आगे डुमरियां मौजा तक नगर क्षेत्र को विस्तारित करने का प्रस्ताव है. इस हिस्से की चौहद्दी में भड़कुडिया गांव का मौजा भी आएगा.
इसी तरह नगर की दक्षिणी सीमा में रेडिया मौजा को शामिल करने के साथ सड़क के पूरब स्थित गोपालपुर और डफलडीह गांव के मौजे भी नगर का हिस्सा बनाए जाने का प्रस्ताव है. इस तरह चारों दिशाओं में विस्तार के बाद वर्तमान नगर क्षेत्र की भौगोलिक सीमा काफी बढ़ जाएगी.
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27 से बढ़कर 35 वार्ड होने की संभावना
नये क्षेत्रों के शामिल होने के बाद नगर की आबादी और भौगोलिक क्षेत्र, दोनों में वृद्धि होगी. इसी के अनुरूप वार्डों का पुनर्गठन किया जाएगा. प्रस्तावित विस्तार के आधार पर नगर में कम से कम 35 वार्ड होने की पूरी संभावना है. हालांकि, अंतिम वार्ड संख्या परिसीमन और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी.
नए क्षेत्रों को मिलेंगी शहरी सुविधाएं
नगर क्षेत्र में शामिल होने वाले नए इलाकों के लोगों को शहरी निकाय की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा. इसके साथ ही सड़क, नाली, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन जैसी नागरिक सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद भी बढ़ेगी.
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