Bihar School Education: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कॉम्प्लेक्स संसाधन केंद्र समन्वयक (सीआरसीसी) की जिम्मेदारी बढ़ायी गयी है. अब सीआरसीसी सप्ताह में दो दिन स्कूलों का भ्रमण करेंगे. इस दौरान प्रत्येक माह कम से कम आठ स्कूलों की 16 कक्षाओं का अवलोकन करना अनिवार्य होगा.
CRCC School Visit को लेकर जारी हुआ निर्देश
सीआरसीसी के स्कूल भ्रमण और शिक्षकों की मासिक अकादमिक बैठक को लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी किया है. निदेशक, प्राथमिक शिक्षा के 20 अगस्त के पत्र का हवाला देते हुए डीपीओ ने पत्रांक-2298 के माध्यम से संशोधित मार्गदर्शिका के अनुसार शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है.
कक्षा शिक्षण में सुधार पर रहेगा जोर
संशोधित व्यवस्था का उद्देश्य सीआरसी स्तर पर शिक्षकों को अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराना और कक्षा-कक्ष की शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाना है. इसके तहत सीआरसीसी को निर्धारित रोस्टर के अनुसार स्कूलों का भ्रमण करना होगा. पहले दिन कक्षा 1-2 एवं 3-4 तथा दूसरे दिन कक्षा 5-6 एवं 7-8 में से एक-एक कक्षा प्रत्येक पाली में देखी जायेगी.
सुबह 9:30 से शाम 4 बजे तक होगा स्कूल भ्रमण
स्कूल भ्रमण की समय-सारणी सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित की गयी है. इस दौरान प्रधानाध्यापक से चर्चा, कक्षा अवलोकन, पांच बच्चों का स्थल आधारित आकलन, शिक्षक को रचनात्मक फीडबैक, छात्र कॉपियों एवं आकलन अभिलेखों की समीक्षा तथा डिजिटल प्रविष्टि की जायेगी.
Classroom Observation Tool से होगी निगरानी
कक्षा का अवलोकन राज्य स्तर पर विकसित क्लासरूम ऑब्जर्वेशन टूल (COT) के माध्यम से किया जायेगा. अवलोकन से संबंधित आंकड़ों की प्रविष्टि ई-शिक्षाकोष पर करनी होगी. इससे कक्षा शिक्षण की स्थिति, बच्चों के सीखने के स्तर और शिक्षकों को दिये गये अकादमिक सहयोग की नियमित निगरानी हो सकेगी.
हर शनिवार होगी शिक्षकों की अकादमिक बैठक
संशोधित मार्गदर्शिका में शिक्षकों की मासिक अकादमिक बैठक की भी व्यवस्था की गयी है. बैठक प्रत्येक शनिवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी. माह के पहले शनिवार को कक्षा 1 से 3, दूसरे शनिवार को कक्षा 4-5 एवं शेष प्राथमिक शिक्षक तथा तीसरे शनिवार को कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षक शामिल होंगे.
कक्षा की समस्याओं पर होगी चर्चा
बैठक का एजेंडा पूर्व बैठक में तय किया जायेगा और शिक्षकों की वास्तविक कक्षा संबंधी समस्याओं को प्राथमिकता दी जायेगी. कक्षा शिक्षण की कठिनाइयों, बच्चों के सीखने के स्तर, पाठ योजना, मिशन निपुण बिहार के लक्ष्य और परियोजना आधारित अधिगम जैसी नवाचारी पद्धतियों पर चर्चा होगी.
प्रशासनिक मुद्दे अकादमिक बैठक से बाहर
मार्गदर्शिका के अनुसार शिक्षक नियुक्ति, स्थानांतरण एवं विद्यालय प्रबंधन जैसे प्रशासनिक विषयों को अकादमिक बैठक के दायरे से बाहर रखा गया है. बैठकों का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षण संबंधी समस्याओं का समाधान और उनके अकादमिक कौशल को बेहतर बनाना है.
शिक्षक सहयोग और मेंटरिंग पर जोर
संशोधित व्यवस्था में सीआरसी प्रणाली को केवल प्रशासनिक निगरानी तक सीमित रखने के बजाय शिक्षक सहयोग, सहकर्मी अधिगम और विद्यालय आधारित मेंटरिंग के प्रभावी मंच के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है. स्कूल भ्रमण और अकादमिक बैठकों के माध्यम से शिक्षकों को नियमित अकादमिक अनुसमर्थन उपलब्ध कराया जायेगा.
