पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने और पीएलआइ में भेदभाव समाप्त करने की मांग को लेकर बैंक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले आयोजित आंदोलन का असर सासाराम में भी देखने को मिला. भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर बड़ी संख्या में बैंककर्मियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. बैंककर्मियों ने कहा कि बैंक यूनियनों और भारतीय बैंक संघ के बीच पिछले वेतन समझौते में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को मंजूरी दी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक सरकार की ओर से इसे लागू नहीं किया गया है.
सरकार से सकारात्मक पहल करने की मांग
बैंक संगठनों के अनुसार, पिछले कई महीनों से सरकार से अनुरोध और वार्ता के माध्यम से इस मांग को लागू करने की मांग की जाती रही, लेकिन सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा. भारतीय स्टेट बैंक सासाराम क्षेत्रीय कार्यालय के आंचलिक कमेटी सदस्य रितेश कुमार रंजन ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह बैंककर्मियों की जायज मांग है. उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा. जरूरत पड़ी तो बैंककर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.
कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने का विरोध
वहीं, एनसीबीई के क्षेत्रीय सचिव हरदीप सिंह ने पीएलआई में कथित भेदभाव का पुरजोर विरोध किया. उन्होंने कहा कि बैंक के लाभ के आधार पर दिए जाने वाले पीएलआई में उच्च अधिकारियों और छोटे स्तर के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के बीच अंतर किया जा रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है. प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के क्षेत्रीय सचिव सिकंदर कुमार सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष समीर कुमार राय और कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय सचिव ब्रजेश कुमार ने किया. मौके पर अनिश कुमार, अरुण कुमार, प्रसिद्ध ना. केशरी, राजेश समेत अन्य बैंककर्मी मौजूद रहे.
