Rohtas News: जिले के संझौली प्रखंड क्षेत्र सहित आसपास के सीमावर्ती इलाकों में कुलदेवता बाबा गणिनाथ गोविंद जी महाराज की वार्षिक पूजा-अर्चना बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई. वैश्य एकता मंच के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय समाज और विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. पूरा पूजा परिसर बाबा गणिनाथ के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से दिनभर गुंजायमान रहा.
सुबह विधि-विधान से पूजन के बाद हुआ ध्वजारोहण
समारोह की शुरुआत सुबह 9:00 बजे आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत संकल्प के साथ हुई. श्रद्धालुओं ने बाबा गणिनाथ की प्रतिमा पर पुष्प, फल, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित कर परिवार और समाज के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की. इसके उपरांत सुबह 10:00 से 11:00 बजे के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पवित्र ध्वजारोहण (झंडोतोलन) का कार्यक्रम संपन्न कराया गया, जिसमें समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.
महाप्रसाद वितरण व भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मंदिर परिसर में विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया. भंडारे में सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और युवा श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर स्वादिष्ट और शुद्ध प्रसाद ग्रहण किया. आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल और प्रसाद वितरण की सुचारू व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ.
सामाजिक एकजुटता और समरसता का दिया संदेश
वैश्य एकता मंच के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर बाबा गणिनाथ गोविंद जी महाराज के आदर्शों, त्याग और सामाजिक एकता के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया. वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, समरसता और एकजुटता मजबूत होती है. पूजा समारोह को सफल बनाने में स्थानीय कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों का सक्रिय सहयोग रहा.
