Rohtas News : जमुहार स्थित नारायण केयर बाल पुनर्वास केंद्र में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए विशेष राखी निर्माण कार्यशाला आयोजित की गयी. प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियां खुद तैयार कीं. अपने हाथों से राखियां बनाने को लेकर बच्चों में खास उत्साह देखने को मिला.
बच्चों ने एक-दूसरे को बांधी राखी
राखियां तैयार करने के बाद बच्चों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधी. इस दौरान बच्चों ने प्रेम, स्नेह, विश्वास और भाईचारे का संदेश दिया. गतिविधि के माध्यम से बच्चों को रक्षाबंधन के सांस्कृतिक महत्व से भी परिचित कराया गया. कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए आपसी स्नेह और भावनाओं को व्यक्त किया.
रचनात्मक गतिविधियों से बढ़ता है आत्मविश्वास
डॉ. आशीष कुमार ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सामाजिक, भावनात्मक और व्यवहारिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इस तरह की गतिविधियों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी अभिव्यक्ति क्षमता विकसित होती है. साथ ही समाज के साथ उनका जुड़ाव भी मजबूत होता है.
प्रशिक्षकों ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान केंद्र के प्रशिक्षकों ने बच्चों को राखी बनाने के अलग-अलग तरीके बताए और उनका मार्गदर्शन किया. प्रशिक्षक गुलजार अहमद, प्रगति मौर्य, अमन, भास्कर कुमार एवं संदीप ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए गतिविधि में सहयोग किया. बच्चों ने प्रशिक्षकों के सहयोग से आकर्षक राखियां तैयार कीं.
मिठाई बांटकर मनाया पर्व
कार्यक्रम के अंत में बच्चों के बीच मिठाइयों का वितरण किया गया. इसके बाद सभी ने मिलकर रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया. आयोजन के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक गतिविधि में भाग लेने के साथ अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और आपसी स्नेह साझा करने का अवसर मिला.
