चेनारी में डिजिटल ठगी की कोशिश, आधार और बैंक विवरण मांगने वालों से सतर्क रहने की अपील
जायसवाल स्टूडियो के संचालक की सूझबूझ से टली ठगी, बीडीओ ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरीजनगणना की प्रक्रिया होगी पूरी तरह निशुल्क, घर-घर आकर ही डेटा जुटायेंगे प्रगणक
प्रतिनिधि, चेनारीजनगणना-2027 को लेकर साइबर ठगों ने आमजन को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. खुद को जनगणना अधिकारी बताकर ये शातिर लोग लोगों से आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी जैसी संवेदनशील सूचनाएं मांग रहे हैं. इस तरह की डिजिटल ठगी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने को कहा है.
सूझबूझ से टली ठगी की वारदात
ताजा मामला नगर पंचायत स्थित डाक बंगला मार्केट के समीप का है. जायसवाल स्टूडियो के संचालक विद्यानंद आर्य के मोबाइल पर दो दिन पूर्व साइबर ठग का फोन आया. फोन करने वाले ने खुद को जनगणना अधिकारी बताकर उनसे ओटीपी की मांग की. विद्यानंद आर्य ने सूझबूझ दिखाते हुए कहा कि यदि आप अधिकारी हैं, तो मेरी दुकान पर आइए, तभी ओटीपी देंगे. इतना सुनते ही ठग ने फोन काट दिया.घर-घर जाकर होगी गणना, फोन पर नहीं
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने स्पष्ट किया है कि जनगणना विभाग का कोई भी प्रगणक या अधिकारी फोन पर कभी भी बैंक खाते या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है. जनगणना की पूरी प्रक्रिया घर-घर जाकर ही की जायेगी. प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग जरूर करें, लेकिन अपनी निजी और डिजिटल जानकारी किसी के साथ साझा न करें. जागरूकता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है.पहचान पत्र की करें जांच
बीडीओ ने बताया कि घर पर आने वाले प्रगणक का पहचान पत्र अवश्य जांचें. किसी भी प्रकार का संदेह होने पर संबंधित बीएलओ या शिक्षक कार्यालय से सत्यापन कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि जनगणना पूरी तरह निशुल्क प्रक्रिया है. यदि कोई व्यक्ति इसके नाम पर पैसे मांगता है या क्यूआर कोड स्कैन कराने को कहता है, तो वह ठगी का मामला है. इसके अलावा सोशल मीडिया या एसएमएस के जरिए मिलने वाले संदिग्ध लिंक से भी दूर रहने की सलाह दी गयी है.डर दिखाकर मांगी जाती है जानकारी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ठग सरकारी लाभ बंद करने का डर दिखाकर जानकारी मांगते हैं. स्वगणना के लिए केवल भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें. विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी सरकारी एजेंसी कभी फोन पर ओटीपी, बैंक विवरण या आधार की संवेदनशील जानकारी नहीं मांगती. अपराधी अक्सर सरकारी प्रक्रिया का हवाला देकर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं.सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें ध्यान
अकेले होने पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति को घर के अंदर न आने दें.
किसी के कहने पर फोन में कोई संदिग्ध एप इंस्टॉल न करें.”जनगणना वेरिफिकेशन” के नाम पर दबाव बनाने वाले कॉल को तुरंत काट दें.
सरकारी अधिकारी आपसे परिवार के सदस्यों के नाम, उम्र, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ले सकते हैं, लेकिन ओटीपी कभी नहीं मांगेंगे.बैंक अकाउंट नंबर, पासबुक फोटो या एटीएम पिन की जनगणना में कोई आवश्यकता नहीं होती.
घर आये किसी भी व्यक्ति को अपने अंगूठे का निशान या बायोमेट्रिक स्कैन न करने दें.