Sarkari Naukri: पाटलिपुत्र विवि में गेस्ट फैकल्टी पद के लिए तीसरी बार निकाली वैकेंसी, जल्द करें आवेदन

Sarkari Naukri: पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने गेस्ट फैकल्टी के लिए तीसरी बार वेकेंसी निकाली है. पीपीयू के अंतर्गत शिक्षकों के खाली सीटों पर ही गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति पूरी तरह से कांट्रेक्ट पर टेम्पररी व्यवस्था के अंतर्गत होगी. अभ्यर्थी सात मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं

पटना. पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने गेस्ट फैकल्टी के लिए तीसरी बार वेकेंसी निकाली है. अभ्यर्थी सात मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और उसकी हार्ड कॉपी विवि मुख्यालय में लाकर जमा कर सकते हैं. मेरिट व आरक्षण के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी की जायेगी. उसके अनुसार साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया जायेगा. कुलपति की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी, जो साक्षात्कार को कंडक्ट करेगी. उसके बाद फाइनल अभ्यर्थियों की सूची जारी की जायेगी, जिनका चयन गेस्ट फैकल्टी के लिए होगा.

कान्ट्रेक्ट पर टेम्पररी व्यवस्था के अंतर्गत होगी नियुक्ति

पीपीयू के अंतर्गत शिक्षकों के खाली सीटों पर ही गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति पूरी तरह से कांट्रेक्ट पर टेम्पररी व्यवस्था के अंतर्गत होगी. उक्त सीटों पर शिक्षक आ जाने के बाद उन्हें कार्य मुक्त कर दिया जायेगा. उक्त वेकेंसी में राज्य सरकार द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जायेगा. इन्हें प्रति क्लास पंद्रह सौ रुपये और कुल पचास हजार रुपये तक महीने में मिलेंगे.

बहाली को लेकर अभ्यर्थी अब भी संशय में

ग्यारह महीने के लिए यानी कि जुलाई से मई तक उनका कार्यकाल होगा. इसके बाद हर वर्ष उन्हें रिन्युअल कराना होगा, हालांकि इस बार यह तीसरी वेकेंसी है और अभ्यर्थियों को इस बार भी साक्षात्कार व बहाली होने की उम्मीद कम ही लगती है, क्योंकि पिछले दो बार आवेदन लेने के बाद और एक बार साक्षात्कार के बाद भी गेस्ट फैकल्टी की बहाली नहीं की गयी.

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न्यूरो एमसीएच कोर्स बन रहा मेडिकल छात्रों की पहली पसंद

पटना. शहर के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान का सुपर स्पेशयलिटी कोर्स टॉप रैंक वालों की पहली पसंद बनते जा रहा है. अधिकांश मेडिकल के टॉपर छात्र न्यूरो एमसीएच में एडमिशन के लिए आवेदन दे रहे हैं. हाल ही में नेशनल मेडिकल कमीशन ने यहां न्यूरो सर्जरी की तीन सीटों के लिए मान्यता दी है. इससे आने वाले सालों में हर साल तीन न्यूरो विशेषज्ञ शहर को मिलने का रास्ता खुल गया है. वहीं आइजीआइएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने बताया कि शहर में ज्यादा हेड इंजरी के केस आते हैं. खासकर ग्रामीण इलाके व प्रदेश के अलग-अलग जिलों से यहां मरीज इलाज कराने आते हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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