तरैया. चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन माता रानी के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है. चैत्र नवरात्र में चारों तरफ या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: मंत्रोच्चारण की गूंज सुनाई पड़ रही है. वहीं चैत्र नवरात्र के शुभारंभ होते ही नारायणपुर, पचभिण्डा समेत अन्य गांवों में 24 घंटे का अखंड अष्टयाम के साथ रामनाम संकीर्तन प्रारंभ होने से भक्तिमय माहौल बना हुआ है. चैत्र नवरात्र में श्रद्धालु पूजा पंडालों, मंदिरों, व घरों में कलश स्थापित कर माता रानी के अनुष्ठान में लगे हुए है. आचार्य सुकेश त्रिवेदी ने कहा कि चैत्र नवरात्र में श्रद्धालु सच्चे मन से माता की आराधना करते है उनकी मनोकामना माता रानी पूर्ण करती है. आचार्य सुकेश त्रिवेदी ने कहा कि चैत्र नवरात्र के दुसरे दिन मां दुर्गा की नवशक्तियों का दूसरा स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से जातक को आदि व व्याधि रोगों से मुक्ति मिलती है. भगवती ब्रह्मचारिणी के पूजन से भगवान शिव भी प्रसन्न होते है.यम नियम के बंधन से मुक्ति मिलती है. ब्रह्म को प्राप्त करने के लिए भगवती ने तपस्या की इसलिए उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा. इनकी आराधना से मनुष्य के सभी कलेश दूर हो जाते है. श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर घंटी बाबा दरबार व शाहनेवाजपुर प्रसिद्ध शिव मंदिर समेत अन्य मंदिरों में कलश स्थापित कर श्रद्धालु पूजा पाठ व संध्या समय माता रानी की आरती में श्रद्धालु जुट रहे है.
चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की हुई पूजा-अर्चना
चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन माता रानी के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है. चैत्र नवरात्र में चारों तरफ या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: मंत्रोच्चारण की गूंज सुनाई पड़ रही है.
