तरैया. वित्तरहित शिक्षक-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को वाइडीबीएस महाविद्यालय तरैया के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों ने महाविद्यालय परिसर में अपनी मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन व सत्याग्रह किया. धरना-प्रदर्शन व सत्याग्रह का नेतृत्व प्राचार्य गीता कुमारी ने किया. प्राचार्य गीता कुमारी ने प्रदर्शन के दौरान अपने संबोधन में कहा कि सरकार वित्तरहित अनुदानित शिक्षकों-कर्मचारियों को अनुदान के बदले वेतन देने की मांग, सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारियों को पेंशन देने की मांग, सात वर्षों के बकाये अनुदान का भुगतान करने तथा माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता बहाल करने से अन्य मांगों की बात रखी गयी. उन्होंने कहा कि सरकार की उपेक्षा के कारण वित्तरहित शिक्षा कर्मी व उनके परिजन भुखमरी का शिकार हो रहे है. सरकार के द्वारा राहत के रूप में मिलने वाले अनुदान सात वर्षों से बंद है. वेतन व अनुदान की आस में शिक्षाकर्मी लगातार सेवानिवृत्त होते जा रहे है. वित्तरहित शिक्षक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार इस गंभीर संकट का समस्या का समाधान नहीं करती है तो बिहार के वित्तरहित शिक्षक कर्मचारी निर्णायक संघर्ष के लिए बाध्य होंगे. धरना,प्रदर्शन व सत्याग्रह में मुख्य रूप से प्राचार्य गीता कुमारी, जय शंकर प्रसाद, नागेन्द्र प्रसाद, रामाशंकर सिंह, महेश सिंह, ललन सिंह, राज कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह, धर्मेश कुमार सिंह समेत अन्य शिक्षक व कर्मी शामिल थे.
वित्तरहित शिक्षकों का धरना-प्रदर्शन, वेतन व पेंशन की उठी मांग
वित्तरहित शिक्षक-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को वाइडीबीएस महाविद्यालय तरैया के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों ने महाविद्यालय परिसर में अपनी मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन व सत्याग्रह किया.
