पश्चिमी विक्षोभ के कारण साढ़े छह डिग्री तक गिरा न्यूनतम तापमान

खिली हुई धूप के बाद राहत महसूस कर रहे सारणवासियों के लिए शुक्रवार का दिन भारी रहा.

छपरा. खिली हुई धूप के बाद राहत महसूस कर रहे सारणवासियों के लिए शुक्रवार का दिन भारी रहा. मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और सर्दी ने अपनी जोरदार दस्तक दे दी है. शुक्रवार सुबह से चली बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया. आलम यह रहा कि जिन लोगों ने गरम कपड़े सहेज कर रख दिए थे, उन्हें एक बार फिर स्वेटर और जैकेट निकालने पर मजबूर होना पड़ा. शुक्रवार को जिले के तापमान में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गयी. अधिकतम तापमान 20°C से गिरकर सीधे 14°C पर आ गया, वहीं न्यूनतम तापमान 8°C रिकॉर्ड किया गया. बीते पांच दिनों में यह सबसे कम तापमान है. शुक्रवार की सुबह सारण के कई प्रखंडों में घने कोहरे की चादर नजर आयी, जिससे सड़क यातायात की गति भी धीमी रही. जिले के ग्रामीण इलाकों में कनकनी अधिक महसूस की जा रही है. मौसम विभाग की मानें तो अगले 48 घंटों में मैदानी इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना बनी हुई है.

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

मौसम के इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. सर्दी-खांसी और तेज बुखार के मरीजों की संख्या में अचानक उछाल आया है. सदर अस्पताल सहित निजी क्लिनिकों में मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. चिकित्सकों ने इस मौसम में विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचने की सलाह दी है. वहीं मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है. यह एक मौसमी तंत्र है जो पश्चिम से आता है और सर्दियों में सक्रिय होता है. यह पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश व कनकनी लेकर आता है. 30 जनवरी की रात से सक्रिय हुआ यह सिस्टम दो फरवरी तक प्रभावी रहेगा. आने वाले तीन-चार दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा.

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