विश्वविद्यालय अधिनियम के विरोध में गंगा सिंह कॉलेज में प्रदर्शन, शिक्षकों ने स्वायत्तता पर जतायी चिंता

गंगा सिंह कॉलेज के शिक्षकों ने बिहार के प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह अधिनियम उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को खतरे में डाल सकता है. शिक्षकों ने विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले व्यापक विचार-विमर्श की मांग की है.

Saran News: बिहार में प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम के विरोध में शनिवार को गंगा सिंह कॉलेज के शिक्षकों ने कॉलेज परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने प्रस्तावित प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इसे उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए चिंता का विषय बताया.

विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता बनाये रखने की मांग

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता को हर हाल में बरकरार रखा जाना चाहिए. उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐसा कोई बदलाव नहीं होना चाहिए, जिससे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के अकादमिक एवं प्रशासनिक अधिकार प्रभावित हों.

शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालयों की अपनी शैक्षणिक व्यवस्था और निर्णय लेने की प्रक्रिया होती है. ऐसे में किसी भी नये प्रावधान को लागू करने से पहले उसके संभावित प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है.

शिक्षक और शिक्षाविदों से राय लेने की मांग

गंगा सिंह कॉलेज के शिक्षकों ने प्रस्तावित अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर अपनी आपत्ति दर्ज करायी. शिक्षकों का कहना था कि विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले शिक्षक समुदाय, शिक्षाविदों तथा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए.

उन्होंने सरकार से मांग की कि उच्च शिक्षा से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण कानून को लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय ली जाये, ताकि भविष्य में किसी तरह की समस्या उत्पन्न नहीं हो.

गुणवत्ता और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा पर जोर

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों के अधिकारों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता की रक्षा के लिए है. शिक्षकों ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने वाले प्रावधानों पर व्यापक चर्चा जरूरी है.

मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो जारी रहेगा विरोध

गंगा सिंह कॉलेज के शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया जाता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा. शिक्षकों ने एकजुट होकर प्रस्तावित अधिनियम को लेकर अपनी आपत्तियां सरकार तक पहुंचाने की बात कही.

ये शिक्षक रहे मौजूद

विरोध प्रदर्शन में राजीव कुमार गिरि, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, नलिन रंजन, डॉ. पुनीत कुमार पांडेय, अभिषेक चतुर्वेदी, डॉ. हरि मोहन, डॉ. वशिष्ठ कुमार शर्मा, डॉ. रुद्र नारायण शर्मा, डॉ. नीलेश कुमार झा, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. अतुल शुक्ला, डॉ. राजेश मांझी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. दिनेश कुमार यादव, प्रमोद कुमार, अभय कुमार सिंह, संजय कुमार सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे.

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By प्रभात किरण हिमांशु

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