तरैया में भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पेड़ों को भी रक्षा सूत्र बांध कर सुरक्षा का बहनों ने संकल्प ली. भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार शुक्रवार को प्रखंड क्षेत्र में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया. पर्व को लेकर सुबह से ही घरों में खुशी का माहौल रहा.
बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी तथा लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की. वहीं भाइयों ने भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहनों को उपहार भेंट कर जीवनभर उनकी रक्षा करने का वचन दिया.
पंडितों व आचार्यो ने भी बांधा रक्षा सूत्र
रक्षाबंधन के अवसर पर पंडितों व आचार्यो ने भी अपने यजमानों की कलाई पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रक्षा सूत्र बांधा. इस दौरान उन्होंने यजमानों की मंगलकामना करते हुए आशीर्वाद दिया. वहीं कई जगहों पर लोगों ने पेड़ों को भी रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया. इस पहल के जरिए लोगों ने रक्षाबंधन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संदेश दिया.
राखी और मिठाई की दुकानों पर उमड़ी भीड़
रक्षाबंधन त्योहार को लेकर मिठाई और राखी की दुकानों पर दोपहर तक लोगों की भीड़ जुटी रही. बहनों ने भाइयों के लिए अलग-अलग डिजाइन की राखियों और मिठाइयों की खरीदारी की. वहीं कई बहनों अपने समर्थ के अनुसार भाइयों के कलाई पर चांदी की राखी खरीदकर बांधी. बाजारों में रक्षाबंधन को लेकर खास चहल-पहल देखने को मिली. वहीं शनिवार से भादो का महीना शुरू होने के कारण ज्यादातर महिलाएं भाइयों को राखी बांधने के बाद अपने घर लौट की तैयारियां में थी.
गांव-गलियों में गूंजते रहे राखी के गीत
स्थानीय मान्यता के अनुसार भादो महीने में बहन-बेटियों को विदा नहीं किया जाता है. इसी वजह से कई महिलाएं रक्षाबंधन के दिन ही भाइयों को राखी बांधकर अपने घर लौट गयीं. इधर, पूरे दिन गांव और गलियों में रक्षाबंधन के अवसर पर राखी के गीत गूंजते रहे. पर्व को लेकर क्षेत्र में दिनभर भाई-बहन के प्रेम और आपसी स्नेह का माहौल बना रहा.
