सारण: तरैया प्रखंड मुख्यालय परिसर से सटे वन विभाग के पौधशाला केंद्र में मंगलवार को वन विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में वन्यजीव संरक्षण, जंगली जानवरों से आमजन की सुरक्षा तथा सरकार के दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई.
वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा पर हुई चर्चा
वन प्रमंडल पदाधिकारी, सारण एवं वन पदाधिकारी छपरा के निर्देश के आलोक में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए वन क्षेत्र पदाधिकारी प्रवीण कुमार गुप्ता, वन परिसर पदाधिकारी अमन कुमार तथा वन उप परिसर पदाधिकारी सूर्य भानु प्रकाश ने कहा कि सरकार और वन विभाग के निर्देशानुसार घोड़परास, जंगली सूअर समेत अन्य वन्य जीवों के संरक्षण तथा आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा पंचायती राज विभाग के संयुक्त दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा कि वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और संरक्षण में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है.
जंगली सूअरों से फसलों को हो रहा नुकसान
बैठक में बताया गया कि वन प्रक्षेत्र मसरख के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों में जंगली सूअर और घोड़परास के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. कई स्थानों पर इनके हमलों से लोगों में भय का माहौल भी है. विभाग ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग की जरूरत है.
जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील
वन विभाग के अधिकारियों ने वन प्रक्षेत्र मसरख के सभी पंचायतों के मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से वन्यजीव संरक्षण और विभागीय अभियान में सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के संबंध में किसी भी घटना की सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में तरैया प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू, मुखिया ओम प्रकाश कुमार, मुखिया नंदकिशोर साह, मुखिया प्रतिनिधि दिलीप सिंह, बीर बहादुर राय, अनिल यादव, हरेंद्र सहनी तथा वन विभाग के राजीव रंजन, राहुल कुमार, सुजीत कुमार, रजनीश कुमार पाल, कर्ण कुमार शेरा, गार्ड कुशेश्वर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय कर्मी उपस्थित रहे.
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