Tajpur Daha River Bridge : सारण के मांझी प्रखंड में ताजपुर दहा नदी पुल करीब तीन महीने से बंद है. जिला प्रशासन ने पुल को असुरक्षित घोषित कर बैरिकेडिंग कर दी थी, लेकिन अब तक कोई स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है. बड़े वाहनों का परिचालन बंद होने से कई गांवों के लोगों को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. दहा नदी में बढ़ते पानी ने पुराने पुल के इस्तेमाल का खतरा भी बढ़ा दिया है.
तीन महीने से बंद है मुख्य पुल
मांझी-दरौली मुख्य मार्ग पर स्थित ताजपुर दहा नदी पुल को जिला प्रशासन की टीम ने करीब तीन महीने पहले निरीक्षण के बाद असुरक्षित घोषित किया था. इसके बाद पुल को पूरी तरह बंद कर बैरिकेडिंग कर दी गयी. तब से बाइक को छोड़कर बड़े वाहनों का परिचालन इस पुल से बंद है.
20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर रहे लोग
पुल बंद होने का सीधा असर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ा है. रनपट्टी, मटियार, जईछपरा, खजुहट्टी सहित सीमावर्ती इलाके के लोगों को दूसरे रास्ते से आने-जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. इससे समय और यात्रा खर्च दोनों बढ़ गये हैं.
एक सप्ताह में वैकल्पिक रास्ते का मिला था आश्वासन
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल बंद किये जाने के बाद प्रशासन की ओर से एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया था. ग्रामीणों का कहना है कि तय समय बीतने के बाद भी अब तक कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी है.
जर्जर पुराने पुल से जोखिम लेकर चल रहे वाहन
वैकल्पिक रास्ता नहीं होने के कारण टोटो और ऑटो चालक पुराने जर्जर पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं. ग्रामीणों के मुताबिक पुराना पुल भी काफी क्षतिग्रस्त है. ऐसे में उस पर वाहनों का परिचालन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है.
दहा नदी का पानी बढ़ने से बढ़ी चिंता
इधर, दहा नदी में बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है और पानी पुराने पुल के आसपास पहुंच गया है. इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गयी है. लोगों को आशंका है कि नदी में पानी का दबाव और बढ़ा तो पुराने पुल की स्थिति भी गंभीर हो सकती है.
सारण-सीवान संपर्क पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मुख्य पुल बंद रहने के बीच पुराना पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया, तो सारण और सीवान जिले के बीच इस क्षेत्र से संपर्क पूरी तरह बाधित हो सकता है. बाढ़ की स्थिति में इसका असर आवागमन के साथ जरूरी सेवाओं पर भी पड़ सकता है.
मरीजों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
मांझी-दरौली मुख्य मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं. इनमें स्कूली बच्चे, मरीज, नौकरीपेशा लोग और अन्य यात्री शामिल हैं. पुल बंद होने के कारण एंबुलेंस, स्कूली बसों और पुलिस वाहनों के परिचालन में भी परेशानी होने की बात स्थानीय लोगों ने कही है.
बाढ़ के दौरान बढ़ सकती है परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से किसी तरह आवागमन जारी है. लेकिन दहा नदी में पानी और बढ़ा तो स्थिति गंभीर हो सकती है. ऐसे में बाढ़ के दौरान आपातकालीन सेवाओं के लिए भी रास्ता उपलब्ध रखना जरूरी है.
प्रशासन से तत्काल डायवर्जन की मांग
स्थानीय लोगों ने सारण जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अस्थायी डायवर्जन या अन्य सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते व्यवस्था होने से दुर्घटना के खतरे को कम किया जा सकता है और क्षेत्र में जरूरी सेवाओं का परिचालन सुचारू रखा जा सकता है.
