Saran News: उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा को जोड़ने वाले एनएच 19 स्थित जयप्रभा सेतु से सरयू नदी में छलांग लगाने वाली उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की 25 वर्षीय छात्रा का शव दूसरे दिन भी बरामद नहीं हो सका है. इस संवेदनशील मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर नदी में आधिकारिक सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं कराया जा सका है.
मृतका की पहचान बलिया जिले के दोकटी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेवक राय टोला निवासी धर्मेंद्र कुमार सिंह की 25 वर्षीय पुत्री सौम्या सिंह के रूप में हुई है. सौम्या दिल्ली के बदरपुर से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी.
एनडीआरएफ की नहीं ली गई मदद
मांझी थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि इस मामले में अब तक मृतका के परिजनों की ओर से मांझी थाने में कोई लिखित आवेदन या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. इसके साथ ही परिजन भी अभी तक मांझी थाना नहीं पहुंचे हैं. थानाध्यक्ष के अनुसार, लिखित आवेदन और आधिकारिक सूचना के अभाव में गोताखोरों या एनडीआरएफ (NDRF) / एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को शव की खोजबीन के लिए नदी में नहीं उतारा जा सका है. हालांकि, गुरुवार को घटना के तुरंत बाद परिजन अपने स्तर से स्थानीय नावों के जरिए तलाश कर रहे थे, लेकिन बाद में वे भी लौट गए.
पिलर नंबर 2 से लगाई थी छलांग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार दोपहर जयप्रभा सेतु पर पिलर नंबर दो के समीप खड़ी होकर सौम्या मोबाइल फोन पर किसी से काफी उग्र बहस कर रही थी. बातचीत के दौरान अचानक उसने फोन जेब में रखा और करीब 50 फीट की ऊंचाई से उफनती सरयू नदी में छलांग लगा दी. तेज बहाव में बहते हुए वह करीब एक किलोमीटर दूर धनी छपरा गांव के सामने गहरे पानी में समाकर ओझल हो गई थी. इधर, मामले में जब मांझी के अंचलाधिकारी (सीओ) रोहित कुमार अग्रवाल से रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन को लेकर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.
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