Baba Harihar Nath: सावन की तीसरी सोमवारी पर सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय हो उठा.
बिहार सरकार की ओर से हेलीकॉप्टर के माध्यम से बाबा हरिहरनाथ और कांवरिया श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गयी. आसमान से बरसते फूलों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाये. पुष्प वर्षा का दृश्य देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग उत्साहित नजर आये.
लखीसराय की घटना के बाद सारण में सुरक्षा के विशेष इंतजाम
सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) में भगदड़ की घटना में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत के बाद सारण जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया था. घटना के बाद जिले के प्रमुख मंदिरों को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा.
डीएम और एसएसपी के निर्देश पर सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर सहित जिले के प्रमुख शिवालयों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किये गये. मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग मजबूत करने के साथ श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाये गये.
सीसीटीवी और पुलिस बल से हुई निगरानी
हरिहरनाथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की गयी. भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गयी. महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को भीड़ वाले स्थानों पर लगाया गया.
श्रद्धालुओं को लगातार आवश्यक निर्देश देने के लिए माइकिंग करायी गयी. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस एवं प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की.
मंदिर के पास बनाया गया अस्थायी थाना
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बाबा हरिहरनाथ मंदिर के पास अस्थायी थाना भी बनाया गया. यहां से मंदिर परिसर की गतिविधियों और सीसीटीवी फुटेज पर नजर रखी गयी. किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट रखा गया.
मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी रही तैयार
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रखा गया. मंदिर के आसपास मेडिकल कैंप, जरूरी दवाओं और एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करायी जा सके.
सावन की तीसरी सोमवारी पर एक ओर जहां बाबा हरिहरनाथ के दरबार में पुष्प वर्षा और जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा, वहीं लखीसराय की दर्दनाक घटना ने प्रशासन को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने का संदेश दिया.
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