सारण में विधि व्यवस्था, खनन और नशा विरोधी अभियान पर डीएम की मैराथन बैठक, अधिकारियों को मिले कड़े टास्क

सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने विकास कार्यों की गति तेज करने और विधि व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से मैराथन समीक्षा बैठक की. भूमि विवादों, फर्जी रजिस्ट्री, शराब की जब्ती और विनष्टीकरण, अवैध खनन, और नशीली दवाओं की बिक्री पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए.

Nasha Virodhi Abhiyan: सारण जिले में विकास कार्यों की गति तेज करने और विधि व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने विधि व्यवस्था, खनन, उत्पाद, नशा विरोधी अभियान सहित अन्य विकासात्मक मुद्दों पर मैराथन समीक्षा बैठक की. करीब तीन घंटे तक चली बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गयी और संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिये गये. कई बिंदुओं पर लापरवाही को लेकर अधिकारियों से जवाब भी मांगा गया.

संवेदनशील भूमि विवादों का प्राथमिकता से करें समाधान

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने सबसे पहले भूमि विवाद से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की. ऐसे मामलों को विशेष रूप से चिन्हित करने का निर्देश दिया गया, जिनमें पहले मारपीट की घटना हो चुकी है, मारपीट की आशंका है या जो सामुदायिक रूप से संवेदनशील हैं.

जातीय या समूह आधारित तनाव की संभावना वाले मामलों और कब्रिस्तान से जुड़े विवादों की भी समीक्षा की गयी. अधिकारियों को ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए विवादों का समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया.

जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को संवेदनशील भूमि विवादों में दोनों पक्षों तथा संबंधित समुदाय के लोगों से संवाद स्थापित कर स्थिति को नियंत्रित करने का निर्देश दिया.

फर्जी रजिस्ट्री के मामलों में होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने सभी थानाध्यक्षों को फर्जी रजिस्ट्री से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया. जांच या सत्यापन में फर्जी रजिस्ट्री की पुष्टि होने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया.

वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने भी फर्जी रजिस्ट्री से जुड़े मामलों में लगातार और प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश पुलिस पदाधिकारियों को दिया.

बैठक में धारा 126 के तहत चल रहे मामलों की भी समीक्षा की गयी. डीएम ने स्पष्ट किया कि केवल खानापूर्ति करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी.

शराब विनष्टीकरण में देरी बर्दाश्त नहीं

उत्पाद विभाग की समीक्षा के दौरान शराब की जब्ती, विभागीय कार्रवाई, विनष्टीकरण, नीलामी और राजस्व से जुड़े मामलों की जानकारी ली गयी. देसी और विदेशी शराब तथा स्पिरिट की जब्ती की स्थिति की भी समीक्षा की गयी.

जिलाधिकारी ने चालू वर्ष की प्रगति की तुलना पिछले वर्ष की समान अवधि से करते हुए अधिकारियों को शराब के अवैध कारोबार और आपूर्ति पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने का निर्देश दिया.

शराब विनष्टीकरण से जुड़े आदेशों और उनके अनुपालन की भी समीक्षा की गयी. डीएम ने स्पष्ट कहा कि जब्त शराब के विनष्टीकरण की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए.

जब्त वाहनों की नीलामी में तेजी लाने का निर्देश

शराब से जुड़े मामलों में जब्त और राजसात वाहनों की नीलामी की भी समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने विशेष अभियान चलाकर लंबित वाहनों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने और नीलामी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी करने का निर्देश दिया.

नशे की सप्लाई चेन पर कार्रवाई और जागरूकता बढ़ाने पर जोर

नारकोटिक्स एवं नशा विरोधी अभियान की भी समीक्षा की गयी. बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, पटना के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े.

डीएम ने मादक पदार्थों की सप्लाई चेन की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही संभावित हॉटस्पॉट और डार्क एरिया को चिन्हित करने तथा संवेदनशील स्थानों, खासकर रेल मार्गों पर निगरानी बढ़ाने को कहा.

स्कूलों में आयोजित साइबर मंगलवार, जीविका समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों के माध्यम से व्यापक नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया.

दवा दुकानों की नियमित जांच के निर्देश

डीएम ने दवा दुकानों और ड्रग स्टोरों की नियमित जांच करने तथा प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया. सदर अस्पताल परिसर में नशा मुक्ति केंद्र के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी चर्चा की गयी.

अवैध खनन पर रोक और राजस्व वसूली में तेजी

खनन विभाग से संबंधित राजस्व वसूली, पेनाल्टी, अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई, जब्त वाहनों के निष्पादन, नीलाम पत्रवाद, ओवरलोडिंग और बालू घाटों की बंदोबस्ती सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गयी.

खनन मद में निर्धारित राजस्व वसूली और पेनाल्टी की समीक्षा करते हुए डीएम ने लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

ओवरलोडिंग पर वाहन जब्त करने का निर्देश

समीक्षा के दौरान जिला खनन पदाधिकारी ने न्यायालय से जब्त वाहनों के मुक्त होने से जुड़े मामलों की जानकारी दी. इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे मामलों में नीलाम पत्रवाद की प्रक्रिया शुरू कर अंतिम वसूली तक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

उन्होंने प्रत्येक मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने पर जोर दिया. ओवरलोडिंग के मामलों में वाहन जब्त करने और निर्धारित जुर्माना लगाने का भी निर्देश दिया.

बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को सभी कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया.

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By संजय भारद्वाज

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