Sanjeev Kumar Dubey UP Police : सारण के बनियापुर प्रखंड के डाढ़ी-बाढ़ी निवासी पूर्व सैनिक संजीव कुमार दुबे ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. भारतीय सेना में देशसेवा के बाद अब उनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर हुआ है. उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल बन गया. परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और संजीव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
सेना में देशसेवा के बाद पुलिस सेवा की नई पारी
संजीव कुमार दुबे भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपने करियर को नई दिशा देने का फैसला किया. अब उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में योगदान देंगे.
कड़ी मेहनत से हासिल की सफलता
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद संजीव ने उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू की. कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास के दम पर उन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल की और सब-इंस्पेक्टर पद के लिए चयनित हुए.
अनुशासन को बनाया सफलता का आधार
संजीव ने प्रारंभिक शिक्षा से लेकर सेना में सेवाकाल तक अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को प्राथमिकता दी. सेना की सेवा के दौरान मिले अनुभव और अनुशासन ने भी उनकी तैयारी में अहम भूमिका निभाई.
चयन की खबर से गांव में खुशी
संजीव के यूपी पुलिस में चयन की खबर मिलते ही डाढ़ी-बाढ़ी गांव में खुशी का माहौल बन गया. परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की. लोगों ने संजीव को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
परिवार और ग्रामीणों ने जताया गर्व
संजीव की उपलब्धि को लेकर उनके परिवार और गांव के लोगों में खासा उत्साह है. ग्रामीणों का कहना है कि सेना में देशसेवा के बाद पुलिस सेवा में चयन होना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है.
सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया
संजीव कुमार दुबे ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद, परिवार के सहयोग और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है. उन्होंने अपनी मेहनत और तैयारी के दौरान परिवार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया.
देशसेवा के बाद कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी
भारतीय सेना में सेवा देने के बाद अब संजीव कुमार दुबे उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे. नई भूमिका में उनका अनुभव, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण पुलिस सेवा में उपयोगी साबित हो सकता है.
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
संजीव की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो एक करियर के बाद दूसरी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. सेना से सेवानिवृत्ति के बाद मेहनत कर पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर पद हासिल करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत को दर्शाता है.
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