प्रतिनिधि, छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय (JPU) के छात्र कल्याण विभाग ने पीजी सत्र 2026-28 में नामांकन के लिए दूसरी मेधा सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पहली मेधा सूची के आधार पर नामांकन पूरा होने के बाद बची सीटों पर दाखिले के लिए छात्रों को दोबारा ऑनलाइन आवेदन का अवसर दिया गया था. अब प्राप्त आवेदनों का सत्यापन किया जा रहा है.
24 से 27 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन
छात्र कल्याण विभाग के अध्यक्ष डॉ. राणा विक्रम सिंह ने बताया कि जिन छात्र-छात्राओं का नाम पहली मेधा सूची में नहीं आया था, उन्हें भी दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया गया. इसके अलावा पहले आवेदन कर चुके छात्रों को विषय और कॉलेज बदलने की सुविधा भी दी गई थी. इसके लिए विश्वविद्यालय का पोर्टल 24 से 27 अगस्त तक खुला था.
तीन से चार दिन में पूरा होगा आवेदन का सत्यापन
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी आवेदन फॉर्म का सत्यापन किया जा रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, तीन से चार दिनों में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर दूसरी मेधा सूची जारी कर दी जाएगी. छात्रों द्वारा आवेदन के समय कॉलेज और विषयवार उपलब्ध सीटों को ध्यान में रखा गया है.
तीन कॉलेज चुनने का मिला था विकल्प
पीजी में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय छात्रों को तीन कॉलेजों के चयन का विकल्प दिया गया था. मेधा सूची तैयार होने के बाद इन्हीं विकल्पों में से किसी एक कॉलेज का आवंटन छात्रों को किया जाएगा. कॉलेजों में विषयवार उपलब्ध सीटों की जानकारी पहले ही पोर्टल पर जारी कर दी गई थी.
JPU PG में 17 विषयों की 5200 सीटें
जयप्रकाश विश्वविद्यालय के विभिन्न पीजी कॉलेजों और विश्वविद्यालय के पीजी विभागों में 17 विषयों की पढ़ाई होती है. पीजी सत्र 2026-28 में कुल 5200 सीटों पर नामांकन होना है. पहली चरण की नामांकन प्रक्रिया में करीब 1900 सीटों पर दाखिला हो चुका है. ऐसे में करीब 3300 सीटें अभी खाली हैं, जिन पर दूसरी मेधा सूची के माध्यम से नामांकन होगा.
इन 17 विषयों में होगा पीजी दाखिला
पीजी सत्र 2026-28 में भौतिकी, रसायन शास्त्र, गणित, जूलॉजी, बॉटनी, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, इतिहास, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान, भूगोल, वाणिज्य और गृह विज्ञान विषय में नामांकन लिया जाएगा.
नये रेगुलेशन के आधार पर तैयार होगी मेधा सूची
जेपीयू में पीजी नामांकन के लिए नया रेगुलेशन लागू किया गया है. छात्रों ने इसी नियम के अनुसार आवेदन किया है. नामांकन के दौरान सबसे पहले मेजर विषयों के तहत आवेदन करने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके बाद माइनर और अंत में संबद्ध विषयों के आवेदकों को वरीयता दी जाएगी.
स्नातक के विषय के आधार पर भी मिलेगी प्राथमिकता
नये नियम के अनुसार, जिन छात्रों ने स्नातक में किसी विषय से ऑनर्स किया है और उसी विषय में पीजी के लिए आवेदन किया है, उन्हें अधिक प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा स्नातक के सब्सिडियरी विषय को आधार बनाकर आवेदन करने वाले छात्र भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे. संबद्ध विषयों की सूची विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपडेट की गई थी.
