सारण में बुनियादी सुविधाओं को तरसा स्कूल, पानी-शौचालय के लिए नदी किनारे जाते हैं बच्चे; 250 छात्रों पर एक शिक्षिका मिलीं

सारण के एक सरकारी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। छात्र-अभिभावक पेयजल, शौचालय और गुणवत्तापूर्ण भोजन की कमी से परेशान हैं। स्कूल परिसर में गंदगी और सुरक्षा चिंता का विषय है।

Saran News : इसुआपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय केरवा कन्या में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर शुक्रवार को छात्रों और अभिभावकों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे छात्र और अभिभावकों ने विद्यालय में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और मध्याह्न भोजन सहित कई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाये. उनका कहना था कि लंबे समय से बच्चों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पानी और शौचालय के लिए नदी किनारे जाते हैं छोटे बच्चे

छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों के लिए पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है. इसके कारण प्राथमिक विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे पानी पीने और शौच के लिए नदी किनारे जाने को मजबूर हैं. नदी के किनारे ढलान होने के कारण अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी. उनका कहना था कि किसी भी समय अनहोनी हो सकती है.

मध्याह्न भोजन को लेकर भी अभिभावकों ने उठाये सवाल

प्रदर्शनकारी अभिभावकों ने विद्यालय में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की. उनका कहना था कि बच्चों के लिए सप्ताह में कभी-कभी ही भोजन बनाया जाता है, जबकि अन्य दिनों में बच्चों को बिस्किट दे दिया जाता है. अभिभावकों ने विद्यालय में नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की मांग की.

250 बच्चों के लिए पांच शिक्षक, मौके पर एक ही शिक्षिका मौजूद

विद्यालय में करीब 250 बच्चों को पढ़ाने के लिए पांच शिक्षकों की नियुक्ति बतायी गयी. प्रदर्शन के दौरान साढ़े 12 बजे तक विद्यालय में केवल एक शिक्षिका मौजूद थीं. अभिभावकों का कहना था कि अन्य चार शिक्षक उस समय तक विद्यालय में उपस्थित नहीं थे. इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही गयी.

चौथी और पांचवीं कक्षा के कमरों में लगा था ताला

प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों और छात्रों ने विद्यालय के कुछ कमरों की स्थिति पर भी सवाल उठाये. उनके अनुसार चौथी और पांचवीं कक्षा के कमरों में ताला लगा हुआ था. बच्चों ने बताया कि इन कमरों का ताला अक्सर नहीं खुलता है. इससे कक्षाओं के संचालन को लेकर भी सवाल खड़े हुए.

स्कूल परिसर में बिखरे मिले शराब के पाउच और कचरा

विद्यालय परिसर की साफ-सफाई को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जतायी. उनके अनुसार स्कूल कैंपस, छत की सीढ़ियों और दीवार के बाहरी हिस्से के आसपास अंग्रेजी शराब के पाउच बिखरे हुए थे. परिसर में जगह-जगह कचरा जमा होने की भी शिकायत की गयी. अभिभावकों ने कहा कि गंदगी के कारण स्कूल परिसर में सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीवों के छिपे होने का खतरा बना रहता है.

बच्चों ने बताया, पहले भी स्कूल में घुस चुका है बड़ा सांप

छात्रों ने बताया कि पिछले दिनों स्कूल परिसर में एक बड़ा सांप घुस आया था. अभिभावकों का कहना था कि विद्यालय में नियमित साफ-सफाई नहीं होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है. उन्होंने स्कूल परिसर की तत्काल सफाई और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की.

चार माह से मानदेय नहीं मिलने की रसोइयों ने की शिकायत

विद्यालय में कार्यरत रसोइयों ने भी चार माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत की. उनका कहना था कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रसोइयों ने बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग की.

सोमवार को विद्यालय की जांच करेंगे बीइओ

इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह सहकारिता पदाधिकारी शशि शेखर ने कहा कि उन्हें विद्यालय की इन समस्याओं के बारे में जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि सोमवार को विद्यालय जाकर पूरे मामले की जांच की जायेगी. जांच के बाद स्थिति के अनुसार उचित कार्रवाई की जायेगी.

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By चंद्रशेखर कुमार

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