Saran News: जयप्रकाश विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई प्रभुनाथ महाविद्यालय, परसा में शुक्रवार को शिक्षक संघ के अध्यक्ष चंदन कुमार के नेतृत्व में बिहार विश्वविद्यालय संशोधित अधिनियम-2026 के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया. इस दौरान शिक्षकों ने अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे शिक्षक हितों और शैक्षणिक व्यवस्था के प्रतिकूल बताया.
शिक्षकों की स्वायत्तता सीमित करने और असमानता पैदा करने का आरोप
धरना को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ के अध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि संशोधित अधिनियम-2026 के माध्यम से विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा चयनित शिक्षकों की स्वायत्तता को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों से शिक्षकों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित होंगे, जिससे उच्च शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा.
वक्ताओं ने पीएचडी (Ph.D.) रेगुलेशन में किए गए संशोधनों पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि संशोधनों के जरिए शिक्षकों की अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित करने की कोशिश की जा रही है, जिससे शिक्षक समाज में असमानता पैदा होगी और विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा.
विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना में शामिल शिक्षकों ने राज्य सरकार से मांग की कि बिहार विश्वविद्यालय संशोधित अधिनियम-2026 के विवादित प्रावधानों पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षकों के हितों व विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को अक्षुण्ण रखा जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और उग्र व व्यापक बनाया जाएगा.
इस प्रदर्शन में शिक्षक संघ की महासचिव डॉ. दीपा मुखर्जी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. संजय कुमार, उषा कुमारी तथा डॉ. कृष्ण सिंह सहित महाविद्यालय के कई अन्य शिक्षक उपस्थित रहे.
