नेपाल त्रासदी के 36 घंटे बाद सारण में असर, गंडक का जलस्तर 15 सेमी बढ़ा; गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर, प्रशासन अलर्ट

नेपाल में त्रासदी के बाद सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि प्रशासन इसे सामान्य बता रहा है. गंगा अभी भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है, जिससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है. प्रशासन अलर्ट मोड में है और नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है.

Gandak River Water Level in Saran: नेपाल में हुई त्रासदी के करीब 36 घंटे बाद सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. हालांकि, प्रशासन ने इसे सामान्य वृद्धि बताया है और कहा है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. राहत की बात यह है कि जिले की अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है. दूसरी ओर, गंगा गांधी घाट पर अभी भी खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर बह रही है. ऐसे में बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है. प्रशासन अलर्ट मोड में है और नदियों के बढ़ते-घटते जलस्तर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है.

तटबंधों पर विशेष निगरानी के निर्देश

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव प्रतिदिन संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. शुक्रवार को भी उन्होंने सभी अधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर चौबीसों घंटे नजर रखने का निर्देश दिया. खासकर तटबंधों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.

संवेदनशील स्थलों पर तत्काल तैयारी

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जहां-जहां तटबंध टूटने की आशंका है, वहां विशेष सतर्कता के साथ लगातार निगरानी रखी जाए. संबंधित स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में बालू, बोरा, गैबियन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने को कहा गया है. सभी अभियंताओं को विशेष रूप से तटबंधों के निरीक्षण में लगाया गया है.

सभी एसडीओ को स्थानीय पदाधिकारियों के माध्यम से तटबंधों की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने तथा स्वयं भी इसका सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है. कहां मरम्मत की आवश्यकता है और कौन से स्थल संवेदनशील हैं, इसकी पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है.

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को अति संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त मात्रा में बोरा और बालू उपलब्ध रखने तथा जरूरत पड़ने पर आवश्यक संसाधनों को तत्काल मोबिलाइज करने का निर्देश दिया गया है.

अंधेरे में नाव चलाने पर रोक

नाव परिचालन को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है. अंधेरे में नाव परिचालन नहीं करने और नावों को ओवरलोड नहीं करने को कहा गया है. घाट से दियारा क्षेत्र की ओर नावों का नियमित परिचालन सुनिश्चित करते हुए इसे व्यवस्थित और विनियमित करने का निर्देश दिया गया है.

नावों पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण और लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

राहत सामग्री पर्याप्त रखने के निर्देश

सभी प्रखंडों में राहत और बचाव सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है. पॉलीथिन शीट, लाइफ जैकेट, महाजाल सहित अन्य आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखने को कहा गया है.

मत्स्य संसाधन विभाग को पर्याप्त मात्रा में पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने तथा वेंडरों से समन्वय कर आकस्मिक स्थिति में 24 घंटे के भीतर अतिरिक्त पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

घाघरा समेत कई नदियों में कमी

बाढ़ नियंत्रण के कार्यपालक अभियंता की 28 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, घाघरा छपरा में खतरे का निशान 53.68 मीटर है. शुक्रवार की सुबह जलस्तर 51.63 मीटर दर्ज किया गया. गुरुवार के मुकाबले यहां जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी है.

सिसवन घाघरा में खतरे का निशान 57.04 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर 56.16 मीटर दर्ज किया गया. यहां 22 सेंटीमीटर की कमी आयी है.

गंडक हाजीपुर में खतरे का निशान 50.32 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 49.38 मीटर है. बुधवार के मुकाबले यहां पांच सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी है.

रेवा गंडक में 15 सेंटीमीटर वृद्धि

गंडक रेवा में खतरे का निशान 54.41 मीटर है. शुक्रवार को यहां वर्तमान जलस्तर 53.44 मीटर दर्ज किया गया. नेपाल त्रासदी के 36 घंटे बाद यहां जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. प्रशासन के अनुसार, यह सामान्य वृद्धि है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है.

गंगा अभी भी खतरे के ऊपर

गंगा गांधी घाट पर खतरे का निशान 48.60 मीटर है, जबकि शुक्रवार को वर्तमान जलस्तर 49.28 मीटर दर्ज किया गया. यानी गंगा अभी भी खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर बह रही है. हालांकि, गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को यहां जलस्तर में सात सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी है.

सारण में नदियों का वर्तमान जलस्तर

नदीखतरे का निशानवर्तमान जलस्तरबढ़ोतरी/कमी
गंगा (गांधी घाट)48.60 मीटर49.28 मीटर07 सेंटीमीटर की कमी
गंडक (हाजीपुर)50.32 मीटर49.38 मीटर05 सेंटीमीटर की कमी
गंडक (रेवा)54.41 मीटर53.44 मीटर15 सेंटीमीटर की वृद्धि
सरयू/घाघरा (सिसवन)57.04 मीटर56.16 मीटर22 सेंटीमीटर की कमी
घाघरा (छपरा)53.68 मीटर51.63 मीटर10 सेंटीमीटर की कमी

अधिकारी बोले, स्थिति नियंत्रण में

“शुक्रवार की सुबह गंडक रेवा के जलस्तर में लगभग 15 सेंटीमीटर की वृद्धि देखी गयी है. यह सामान्य वृद्धि है. एक-दो दिन में काफी तेजी से जलस्तर में गिरावट आ जाएगी, क्योंकि पानी आगे की तरफ बढ़ता जा रहा है. स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है. जिलाधिकारी लगातार फीडबैक ले रहे हैं और उनके दिशा-निर्देशन पर फूल प्रूफ तैयारी है.”- संतोष कुमार प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ प्रमंडल, सारण

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By संजय भारद्वाज

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