सारण के अमृत आनंद बने सेना में लेफ्टिनेंट, बड़े भाई पहले से मेजर, एक ही घर से दो अफसर; जानें सफलता की पूरी कहानी

सारण जिले के मांझी प्रखंड के अमृत आनंद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने। उनके बड़े भाई आदर्श आनंद भी मेजर के पद पर देश की सेवा कर रहे हैं। पूरे गांव में खुशी का माहौल।

Success Story : सारण जिले के मांझी प्रखंड स्थित मदनसाठ गांव ने एक बार फिर गौरव बढ़ाया है. गांव निवासी मनदेव सिंह और मध्य विद्यालय मदनसाठ में कार्यरत शिक्षिका सीमा कुमारी के द्वितीय पुत्र अमृत आनंद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं. शनिवार को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में अंतिम पग भरते ही अमृत आनंद को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिला. इस गौरवपूर्ण पल के साक्षी उनके माता-पिता भी बने.

बेटे की वर्दी देख भावुक हुए माता-पिता

पासिंग आउट परेड के बाद माता-पिता ने अपने बेटे के कंधे पर सितारे लगाकर उसकी उपलब्धि का गौरव महसूस किया. इस दौरान परिवार के लिए भावुक कर देने वाला पल रहा. फोन पर बातचीत में माता-पिता ने कहा कि यह उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी का दिन है. बेटे को सेना की वर्दी में पासिंग आउट परेड का हिस्सा बनते देखना ऐसी खुशी है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है.

किसान-मजदूर परिवार से सेना तक का सफर

मनदेव सिंह और सीमा कुमारी के परिवार के लिए अमृत आनंद की सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि साधारण ग्रामीण और किसान-मजदूर पृष्ठभूमि से निकलकर दोनों बेटों ने देश सेवा के लिए सेना में अधिकारी बनने का मुकाम हासिल किया है. माता-पिता ने कहा कि बच्चों की मेहनत और लगन ने परिवार का नाम रोशन किया है.

पांच साल पहले बड़े भाई आदर्श भी बने थे सेना में अफसर

यह परिवार की पहली सैन्य उपलब्धि नहीं है. करीब पांच वर्ष पहले अमृत आनंद के बड़े भाई आदर्श आनंद की भी पासिंग आउट परेड हुई थी. आदर्श आनंद वर्तमान में भारतीय सेना में मेजर के पद पर रहकर देश की सेवा कर रहे हैं. अब छोटे भाई अमृत आनंद के लेफ्टिनेंट बनने के बाद परिवार की उपलब्धि और भी खास हो गई है.

एक घर से मेजर और लेफ्टिनेंट, गांव में जश्न का माहौल

एक ही परिवार से दो बेटों के सेना में अधिकारी बनने की खबर मिलते ही मदनसाठ गांव में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों और परिचितों की ओर से लगातार बधाइयां दी जा रही हैं. परिजनों ने गांव में मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया. दोनों भाइयों की उपलब्धि को लेकर पूरे इलाके में चर्चा है.

ग्रामीण युवाओं के लिए बने प्रेरणा

स्थानीय लोगों का कहना है कि आदर्श आनंद और अमृत आनंद ने साबित किया है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी मेहनत और मजबूत लक्ष्य के दम पर देश की प्रतिष्ठित सेवाओं में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकते हैं. दोनों भाइयों की सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.

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By चंद्रशेखर कुमार

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