Saran News : दरियापुर प्रखंड की मुजौना पंचायत के सेमरहिया के पास रविवार की अहले सुबह मही नदी का बांध अचानक टूट गया. बांध टूटते ही तेज रफ्तार से पानी आसपास के गांवों में फैलने लगा. दोपहर तक मुजौना और अकबरपुर पंचायत के सेमरहिया, भलवाहिया, मोहन कोठियां समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया. पानी धीरे-धीरे खानपुर पंचायत के गांवों की ओर भी बढ़ रहा है.
बांध टूटने से छह पंचायतों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
बांध टूटने के बाद खानपुर, अकबरपुर, ककरहट, विश्वम्भरपुर, मुजौना और बेला पंचायतों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है. कई जगहों पर खेतों में लगी फसलें पानी में डूब गई हैं. वहीं, कई घरों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है. आसपास के ग्रामीण अब सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुटे हैं.
पहले से हो रहा था पानी का रिसाव, फिर अचानक टूटा बांध
ग्रामीणों के अनुसार, बांध पहले से ही कमजोर था और शनिवार की शाम से ही यहां पानी का रिसाव हो रहा था. इसके बावजूद समय रहते बांध की मरम्मत या रिसाव रोकने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी. रविवार की सुबह पानी के तेज दबाव के कारण बांध अचानक टूट गया, जिसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई.
बांध करीब 20 फीट की चौड़ाई और लगभग 30 फीट की गहराई में टूटने की बात सामने आई है. स्थानीय लोग और प्रशासनिक कर्मी मिट्टी, पेड़ की डाल और अन्य स्थानीय संसाधनों की मदद से बांध को बांधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दोपहर तक इसमें सफलता नहीं मिल सकी थी.
अधिकारी मौके पर कर रहे कैंप, बांध बांधने का प्रयास जारी
बांध टूटने की सूचना मिलते ही बीडीओ, सीओ समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर जुट गए. प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं. पानी के बहाव को रोकने और बांध को दोबारा मजबूत करने का प्रयास लगातार जारी है.
ग्रामीणों में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली. ग्रामीणों का कहना है कि यदि शनिवार की शाम से हो रहे रिसाव पर समय रहते ध्यान दिया जाता तो शायद बांध टूटने की स्थिति नहीं आती. ग्रामीणों ने जान-माल और फसल के नुकसान को लेकर चिंता जताई है.
सीमावर्ती गड़खा के गांवों पर भी मंडराया खतरा
मही नदी के पानी के बढ़ते दबाव का असर सीमावर्ती गड़खा प्रखंड के गांवों पर भी पड़ने की आशंका है. बसंत समेत आसपास के कई गांवों में भी पानी पहुंचने से क्षति की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में प्रशासन के सामने दरियापुर के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों को भी सुरक्षित रखने की चुनौती बढ़ गई है.
सूचना मिलते ही पहुंचे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव
बांध टूटने की खबर मिलने के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. कुछ देर बाद उपमुख्यमंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द से जल्द बांध को बांधने का आश्वासन दिया. उन्होंने अधिकारियों को स्थिति का तत्काल समाधान निकालने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री से की शिकायत
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री से प्रशासनिक स्तर पर सहयोग नहीं मिलने की शिकायत भी की. ग्रामीणों ने कहा कि पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है और ऐसे में उनकी जान-माल को खतरा बना हुआ है. ग्रामीणों ने समय रहते राहत और बचाव की व्यवस्था करने की मांग की.
उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से हरसंभव प्रयास किया जाएगा. फिलहाल अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद है और बांध को बांधने का काम जारी है.
