Saran News : मोबाइल वैन के माध्यम से गांव-गांव में दी जायेगी परिवार नियोजन की जानकारी

Saran News : लगातार बढ़ती जनसंख्या न केवल पारिवारिक और आर्थिक संसाधनों पर भार डाल रही है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है.

सदर अस्पताल परिसर में परिवार नियोजन कार्यशाला का आयोजननोट:फोटो नंबर 17 सीएचपी 6 है कैप्सन होगा- मोबाइल वैन को रवाना करते स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी प्रतिनिधि, छपरा. लगातार बढ़ती जनसंख्या न केवल पारिवारिक और आर्थिक संसाधनों पर भार डाल रही है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है. उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने सदर अस्पताल के जीएनएम स्कूल परिसर में आयोजित परिवार नियोजन कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि सीमित आय वाले परिवार के लिए अधिक बच्चों का लालन-पालन कठिन होता है, जिससे बच्चों की उचित देखभाल, पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य प्रभावित होते हैं. अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि समाज में बेरोजगारी, कुपोषण और अशिक्षा जैसी समस्याओं को जन्म देती है.

कार्यक्रम का आयोजन जननी संस्था और मोबियस फाउंडेशन के सहयोग से किया गया. इस अवसर पर एएनएम स्कूल की छात्राओं के बीच स्लोगन लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गयी, वहीं कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से परिवार नियोजन के महत्व को रेखांकित किया.

मोबाइल वैन को दिखायी गयी हरी झंडी

इस अवसर पर सिविल सर्जन ने बताया कि परिवार नियोजन कार्यक्रम में जननी संस्था का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा है. महिला बंध्याकरण एवं पुरुष नसबंदी पर विशेष बल दिया जा रहा है. अब जनजागरूकता के लिए मोबाइल वैन का संचालन किया जायेगा, जिसे उन्होंने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह वैन जिले के सभी प्रखंडों के गांवों में जाकर वीडियो और ऑडियो सिस्टम के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन की जानकारी देगी.

जनसंख्या स्थिरीकरण से ही होगा सतत विकास

मोबियस फाउंडेशन के एडवाइजर डॉ राम बूझ ने कहा कि अगर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में वास्तविक प्रगति चाहिए तो जनसंख्या स्थिरीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी. उन्होंने कहा कि बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्य में संसाधन सीमित हैं और तेजी से बढ़ती जनसंख्या उन पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है. जननी संस्था के कंट्री डायरेक्टर रिचर्ड बाउस्टार्ड ने कहा कि छोटा परिवार, सुखी परिवार की अवधारणा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना होगा. दो से अधिक बच्चों की परवरिश लंबे समय में पूरे परिवार पर आर्थिक व मानसिक बोझ बन सकती है. जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने कहा कि सीमित संसाधनों के बीच बढ़ती जनसंख्या शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और रोजगार पर सीधा असर डाल रही है. उन्होंने कहा कि जब तक किशोर-किशोरियों को यौन स्वास्थ्य, जीवन कौशल शिक्षा और परिवार नियोजन के प्रति जागरूक नहीं किया जायेगा, तब तक समाज का संपूर्ण विकास अधूरा रहेगा. डीसीएम ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने लोगों से अपील की कि वे परिवार नियोजन कार्यक्रम को अपनाएं और समुदाय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें. इस कार्यशाला का आयोजन जननी संस्था के रीजनल मैनेजर कमलेश कुमार, दीपक कुमार, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अनुज कुमार की देखरेख में किया गया. इस अवसर पर क्लिनिकल डायरेक्टर राम पार्कर, मोबियस फाउंडेशन से बाना ज्योत्सना, आर्यन कुमार, डीपीएम अरविन्द कुमार, डीसीएम ब्रजेंद्र कुमार सिंह, डीएमएनई ब्रजेश कुमार, आरबीएसके डीसी डॉ जितेंद्र प्रसाद, यूनिसेफ, सीफार, पिरामल, पीएसआइ के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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By CHANDRASHEKHAR SARAN

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