saran news : गर्मी में बढ़ी घड़े व सुराही की डिमांड, मिट्टी महंगी होने से दाम भी बढ़े

saran news : तीन हजार रुपये प्रति टायर मिल रही मिट्टी, 10-20 रुपये वाला घड़ा अब 150 से 300 रुपये तक पहुंचा, डिजाइनर व नल लगे घड़ों की बढ़ी मांग, कुम्हार बदल रहे कारोबार का ट्रेंड

saran news : छपरा. गर्मी शुरू होते ही ठंडे पानी की जरूरत बढ़ गयी है. फ्रिज ठंडा पानी उपलब्ध कराने का विकल्प जरूर बन रहा है, लेकिन पानी को ठंडा रखने वाले मिट्टी के घड़े व सुराही की डिमांड आज भी बनी हुई है. कुम्हार भी इन देसी बर्तनों को बनाने में जुटे हैं. हालांकि घड़ा, सुराही व अन्य बर्तन बनाने में उपयोग होने वाली मिट्टी की कीमत पिछले चार-पांच सालों में काफी बढ़ गयी है. शहर के दहियांवा मुहल्ले के हरेंद्र पंडित, जो योगिनियां कोठी रोड में दुकान लगाते हैं, उन्होंने बताया कि पहले मिट्टी 1500 रुपये प्रति टायर मिलती थी, लेकिन अब 3000 रुपये प्रति टायर चुकाना पड़ रहा है. इसमें भी 30 प्रतिशत से अधिक मिट्टी सफाई में निकल जाती है. उन्होंने बताया कि इसी कारण घड़े व सुराही की कीमतों में भी बढ़ोतरी करनी पड़ रही है. एक दशक पहले 10 से 20 रुपये में मिलने वाला घड़ा अब 150 से 300 रुपये तक पहुंच गया है. छोटी सुराही भी 120 से 150 रुपये में बिक रही है. गर्मी के साथ मिट्टी के घड़ों की मांग बढ़ी है. शहर के साहेबगंज, मौना, सरकारी बाजार, साढ़ा, गुदरी आदि बाजारों में विभिन्न प्रकार के घड़े उपलब्ध हैं. गुदरी के कुम्हार महेश ने बताया कि उनके पास 200 से 800 रुपये तक के अलग-अलग साइज के घड़े हैं. लोग लंबे मुंह वाली सुराही की ज्यादा डिमांड कर रहे हैं. बदलते समय के साथ कुम्हार भी डिजाइनर घड़े बना रहे हैं. कई घड़ों पर पेंटिंग की जा रही है, वहीं नल लगे घड़े भी 250 से 400 रुपये तक में बिक रहे हैं. पांच से 10 लीटर क्षमता वाले घड़े भी बाजार में उपलब्ध हैं. कुम्हारों का कहना है कि फ्रिज के बढ़ते उपयोग से उनके कारोबार पर असर पड़ा है. पिछले एक दशक में 60 से 70 प्रतिशत तक बिक्री कम हुई है. इसके बावजूद गर्मी के मौसम में कुछ मांग बनी रहती है, क्योंकि मिट्टी के बर्तन स्वास्थ्य के लिए बेहतर माने जाते हैं.

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By SHAILESH KUMAR

SHAILESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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