Surplus Teacher Transfer: सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण के मामले में पटना हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है. न्यायालय के इस आदेश से सरप्लस सूची में शामिल शिक्षकों और संभावित स्थानांतरण को लेकर चिंतित शिक्षकों को राहत मिली है.
जबरन स्थानांतरण उचित नहीं : समरेंद्र बहादुर
न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के शिक्षक नेता समरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से शिक्षकों का जबरन स्थानांतरण किसी भी स्थिति में उचित नहीं था. उन्होंने कहा कि स्थानांतरण की प्रक्रिया में शिक्षकों की समस्याओं और उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऐच्छिक होनी चाहिए. जो शिक्षक स्थानांतरण नहीं चाहते हैं, उन्हें आवेदन करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए.
हाईकोर्ट के आदेश से शिक्षकों को राहत
शिक्षक नेता ने हाईकोर्ट के आदेश को शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देश से शिक्षकों को राहत मिली है. विभाग को भी स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाते समय शिक्षकों की इच्छा और उनकी परिस्थितियों का ध्यान रखना चाहिए.
बैठक में कई शिक्षक रहे मौजूद
इस मौके पर जलालुद्दीन साहब, संजय यादव, सत्यनारायण साह, विनोद राय, हवलदार मांझी, अनुज यादव, निजाम अहमद, रणजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, महेश बाबू चौधरी, अशोक यादव, एहसान अंसारी, मंटू मिश्रा, पीयूष तिवारी, विनायक यादव, अनिल दास, सूर्यदेव सिंह, रविंद्र ठाकुर सहित कई शिक्षक उपस्थित थे.
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