Chhapra News : स्वघोषणा पत्र भरने की अंतिम तिथि बीतने के बाद रैयतों में बढ़ी बेचैनी, ऑनलाइन आवेदनों की संख्या बढ़ी

Chhapra News : जिले में भूमि सर्वेक्षण के लिए स्वघोषणा पत्र भरने की अंतिम तिथि 31 मार्च को बीत जाने के बाद रैयतों और जमीन मालिकों में बेचैनी बढ़ गयी है.

छपरा. जिले में भूमि सर्वेक्षण के लिए स्वघोषणा पत्र भरने की अंतिम तिथि 31 मार्च को बीत जाने के बाद रैयतों और जमीन मालिकों में बेचैनी बढ़ गयी है. इसके बाद से ऑनलाइन आवेदन की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, महज तीन दिनों में 12 सौ से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि ऑफलाइन आवेदन की संख्या भी एक हजार के करीब पहुंच गयी है.

रैयतों के बीच यह डर है कि यदि पोर्टल अचानक बंद हो गया, तो उनकी जमीन का सर्वे नहीं हो पायेगा और बाद में उन्हें अपनी जमीन को खतियान में शामिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी. ऐसे में अधिकारी भी यह अपील कर रहे हैं कि सभी रैयत जल्दी से जल्दी अपना स्वघोषणा पत्र भरें.

625000 आवेदन अपलोड, खतियान विवरण भरने की प्रक्रिया शुरू

बंदोबस्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 1605 गांवों में सर्वे का काम चल रहा है, जिसमें तीन सौ अमीन और 25 से अधिक कानूनगो लगे हुए हैं. इसके साथ ही अंचल कार्यालय के सैकड़ों कर्मी भी इस कार्य में जुटे हैं. अब तक 625000 स्वघोषणा पत्र संबंधित आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से लगभग पांच लाख आवेदन पोर्टल पर अपलोड भी किये जा चुके हैं. सर्वे का अगला कदम खतियान विवरण भरने का है, जिसके बाद किस्तेवार भूमि वेरीफिकेशन का काम शुरू होगा.

पोर्टल बंद होने की आशंका, जल्द से जल्द आवेदन करने की अपील

हालांकि आधिकारिक अंतिम तिथि 31 मार्च थी, लेकिन अधिकारियों के अनुसार पोर्टल कुछ दिनों तक चालू रहेगा ताकि जिन लोगों ने अब तक भूमि दस्तावेज नहीं जमा किए हैं, वे इसे कर सकें. हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि सर्वर फेल होने की समस्या आ रही है और कई लोग साइबर कैफे से भी बैरंग लौट रहे हैं. इस स्थिति में अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करें

तिथि बढ़ने की नहीं है कोई सूचना

राज्य मुख्यालय से तिथि बढ़ने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन पोर्टल खुला है. हम सभी से अपील करते हैं कि वे जल्द से जल्द अपना आवेदन जमा करें. जिनके पास कम कागजात हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं और बाकी दस्तावेज बाद में जमा कर सकते हैं. सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी व्यक्ति भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया से वंचित न रहे.

संजय कुमार, बंदोबस्त पदाधिकारी, सारण

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Author: ALOK KUMAR

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