परसा. प्रखंड अंतर्गत चेतन परसा में आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण का परिचय दिया. यह सम्मेलन हिंदू समाज को संगठित करने, सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा सकारात्मक राष्ट्रवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ. कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन जितेंद्र कुमार उर्फ भुलान सिंह द्वारा किया गया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए शैलेंद्र सिंह, शैलेंद्र राय एवं आचार्य अभिषेक जी ने हिन्दुत्व के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला और समाज को सजग, संगठित एवं जागरूक रहने का संदेश दिया. इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक महेश जी ने संघ के प्रथम सरसंघचालक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन, उनके संघर्ष एवं राष्ट्रसेवा पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने उपस्थित जनसमूह से डॉ हेडगेवार के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया. वहीं संघ के जिला कार्यवाह संजीव जी ने अपने संबोधन में समाज में अपेक्षित पाँच प्रमुख परिवर्तनों सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अभियान एवं नागरिक कर्तव्य पर विस्तार से विचार रखते हुए इनके महत्व को रेखांकित किया. कार्यक्रम में संघ के प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख श्रीमान संतोष जी द्वारा प्रस्तुत प्रेरक गीत ने सभी को भावविभोर कर दिया.उनके गीतों में संस्कृति का गौरव, समाज की एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से झलकती रही, जिससे वातावरण ऊर्जा और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत हो गया.यह सम्मेलन परसा प्रखंड के खंड कार्यवाह अमित सिंह के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम में भोला राय, चुन्नू सिंह, विकास सिंह, रामबाबू राय, सोनू राय, कुणाल सिंह, उज्ज्वल सिंह, जितेंद्र कुमार, महेश राय, संजीत कुमार, मुकेश बाबा, पिंटू कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे. इस प्रकार का आयोजन समाज में वैचारिक जागरण लाने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ.
चेतन परसा में भव्य हिंदू सम्मेलन, सैकड़ों लोगों ने दिखायी सामाजिक एकता
प्रखंड अंतर्गत चेतन परसा में आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण का परिचय दिया.
