आइसोलेशन के लिए बने 72 कमरों को किया गया सैनिटाइज्ड

सदर अस्पताल में बने जीएनएम छात्रावास को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है. संदिग्ध परिस्थिति में जांच के लिए सिविल सर्जन डॉ माधेश्वर झा के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम गठित की गयी.

आइसोलेशन के लिए बने 72 कमरों को किया गया सैनिटाइज्ड

बाहर से आये लोगों की अस्पताल में लगातार हो रही जांच

जांच के लिए गठित टीम

छपरा : सदर अस्पताल में बने जीएनएम छात्रावास को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है. संदिग्ध परिस्थिति में जांच के लिए सिविल सर्जन डॉ माधेश्वर झा के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम गठित की गयी. जो कोरोना की जांच करेंगे. इस संदर्भ में सिविल सर्जन ने बताया कि जीएनएम छात्रावास के भवन में बने सभी 72 कमरों को पूरी तरह से सैनिटाइज्ड किया गया व सभी बाहर से आये मरीजों को जांच की भी व्यवस्था की गयी. अगर इस तरह का कोई भी मरीज पाया जाता है तो उसे आइसोलेशन वार्ड में तत्काल भर्ती कर दिया जायेगा. वहीं बाहर से लौटे लोगों के संदर्भ में सीएस ने बताया कि रविवार को कुल 21 व सोमवार को 26 लोगों की जांच की गयी. किसी में भी कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिले.

जांच के लिए प्रतिनियुक्ति डॉ रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि मरीजों के लार व नाक के माध्यम से जांच की जा रही है. 102 एंबुलेंस के कर्मचारियों भी 24 घंटे इमरजेंसी सेवा दे रहे हैं. इस संदर्भ में कर्मचारियों का कहना था कि अस्पताल के तरफ से हम लोगों को किसी भी तरह की सेफ्टी किट की व्यवस्था नहीं की गयी है. हम लोग गांव-गांव जाकर संदिग्ध मरीजों को मुख्यालय अस्पताल ला रहे हैं. यदि बिना किसी सेफ्टी डिवाइस के संक्रमित मरीजों के संपर्क में आते हैं तो इससे महामारी का खतरा हो सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >