गंडक खतरे के निशान के करीब, प्रशासन अलर्ट

गंडक बराज से छोड़ा जा रहा पानी और इधर लगातार तीन-चार दिनों तक हुई बारिश का असर नदियों के जल स्तर पर देखने को मिल रहा है. छपरा में गंडक नदी का जल स्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया है.

गंडक बराज से छोड़ा जा रहा पानी और इधर लगातार तीन-चार दिनों तक हुई बारिश का असर नदियों के जल स्तर पर देखने को मिल रहा है. छपरा में गंडक नदी का जल स्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया है. हालांकि अभी तक घबराने वाली कोई बात नजर नहीं आ रही है. क्योंकि, यह कभी घट रहा है तो कभी बढ़ रहा है. अब यह सब कुछ निर्भर करेगा गंडक बराज और नेपाल से छोड़ा जा रहा पानी पर. यदि और पानी छोड़ा जाता है तो परेशानी बढ़ेगी. इधर शहर से सटे सरयू नदी के जल स्तर में बहुत ज्यादा इजाफा नहीं हुआ है. बहुत धीमी ही गति से जल स्तर बढ़ रहा है. फिलहाल बाढ़ नियंत्रण विभाग की नजर गंगा, हाजीपुर गंडक, रेवा गंडक और घाघरा यानी सरयू (सिसवन) पर है. इनकी प्रतिदिन की रिपोर्ट ली जा रही है और निगरानी के लिए अधिकारियों और चौकीदारों की तैनाती कर दी गयी है. विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार गंडक रेवा के जल स्तर में अधिक वृद्धि हो रही है. यहां 53.41 मीटर के जल स्तर को वार्निंग के दायरे में रखा गया है, जबकि 54.41 मीटर के जल स्तर को खतरे के निशान माना गया है और फिलहाल आठ जुलाई की दोपहर 2:00 तक 54.09 मीटर जल स्तर है. ऐसे में अधिकारियों का टेंशन बढ़ना लाजिमी है. इससे सारण जिले के अमनौर, दरियापुर, तरैया, मशरक,पानापुर, मकेर आदि प्रखंड अधिक प्रभावित होंगे. अन्य नदियों के जल स्तर में अभी एक से चार मीटर का अंतर है, इसलिए अधिकारी इधर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं.

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