बनियापुर. विगत तीन-चार दिनों से पुरवा हवा चलने और सुबह-शाम आसमान में बादल छाये रहने से किसानों को गेहूं की दौनी करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. फिलवक्त कटनी और दौनी का कार्य परवान पर है. मौसम का प्रतिकूल होना किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. पशुपति राय, मदन सिंह, अर्जुन राम, उमेश राम, जितेन्द्र साह, जमादार महतो सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि फिलवक्त मौसम प्रतिकूल होने के कारण दौनी करने में सामान्य मौसम की अपेक्षा काफी अधिक समय लग रहा है. इस वजह से अतिरिक्त राशि खर्च करनी पर रही है. सामान्यतः गेहूं की दौनी के लिए पछुआ हवा का चलना अनुकूल माना जाता है. किसानों की मानें तो पछुआ हवा चलने के दौरान ट्रैक्टर चलित थ्रेशर से औसतन 50-60 बोझा प्रति घंटे दौनी की जाती है. मगर, लगातार पुरवा हवा चलने की वजह से गेहूं के पौधों में नरमाहट होने को लेकर प्रति घंटे महज 35-40 बोझे ही दौनी हो पा रही है. इसकी वजह से किसानों को डेढ़गुणा अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है.
पुरवा हवा चलने से थ्रेशर संचालको की बल्ले-बल्ले
इस बार दौनी की सीजन में थ्रेशर संचालको की बल्ले-बल्ले है. मौसम के उतार-चढ़ाव को देख किसान घंटे की परवाह किये बगैर रातो-दिन मजदूर और परिजनों के साथ मिलकर जल्द से जल्द दौनी का कार्य निबटाने में जुटे है. किसानो को इस बात का भय सता रहा है की अगर बारिश हुई तो सब किये-धरे पर पानी फिर जायेगा. जबकि मौसम बिभाग द्वारा भी जल्द से जल्द कटनी, दौनी का कार्य संपन्न करने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में अधिक समय तक दौनी संचालित होने और प्रति किसान गत वर्ष की तुलना में अधिक समय लगने से थ्रेशर संचालको को अच्छी आमदनी हो रही है. किसानो ने बताया की गत वर्ष की अपेक्षा इस बार ट्रैक्टर चालको द्वारा प्रति घंटे रकम भी बढ़ा दी गई है. जहां गत वर्ष प्रति घंटे 800 रुपये की दर से दौनी कार्य हो रहा था. वही इस बार महंगाई का हवाला देते हुए ट्रैक्टर संचालक 900 रुपये प्रति घंटे दौनी कार्य कर रहे है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
