Fake IAS Officer: सोमवार को एक व्यक्ति जिलाधिकारी (DM) वैभव श्रीवास्तव के कार्यालय में पूरे सूटबूट में अपने आप को भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बताते हुए मिलने पहुंच गया. जब जिलाधिकारी ने उसके बारे में धीरे-धीरे जानकारी लेनी शुरू की और जानकारी के दौरान फर्जी अधिकारी होने का मामला सामने आया तो उन्होंने तुरंत अपने सुरक्षा कर्मियों को बुलाकर फर्जी अधिकारी को नगर थाने के हवाले करने को कहा.
इस बीच सूचना पाकर एसडीपीओ रामपुकार सिंह पहुंचे. उन्होंने फर्जी अधिकारी को अपने कब्जे में लेते हुए, नगर थाना को तुरंत कार्रवाई करने को कहा. गिरफ्तार फर्जी अधिकारी सदर प्रखंड के मुफस्सिल थाना क्षेत्र बसाढी गांव निवासी कृष्णा पंडित का पुत्र रितेश कुमार बताया जाता है. वह अपने भाई मुन्ना पंडित के साथ जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा था.
मेरठ में बताया था अपनी पोस्टिंग
जिलाधिकारी को गिरफ्तार फर्जी अधिकारी ने अपनी पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बताई थी. चुकी जिलाधिकारी खुद उत्तर प्रदेश के निवासी हैं इसलिए उन्होंने छानबीन शुरू कर दी और कड़ी 20 मिनट के अंदर फर्जीवाड़ा का मामला समझते हुए पुलिस के हवाले कर दिया.
पहले एसएसपी से मिला फिर डीएम से मिलने पहुंचा था
थाने में पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई की जिलाधिकारी से मिलने के पहले वह एस एस पी से मिल चुका था. उसके बाद डीएम से मिलने पहुंचा था. यह भी बताया जा रहा है कि पूर्व जिलाधिकारी और एसपी से भी कई बार मिल चुका था यह फर्जी अधिकारी.
गांव में भी अधिकारी होने का है चर्चा
रितेश ने पूरे अपने गांव में अपने आप को भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बताकर हनक बना ली है. गांव के कुछ लोगों से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि यहां पर यह व्यक्ति अपने आप को अधिकारी बताता है. कई अधिकारी से मिलने भी आते हैं. कई बार स्थानीय थाने के अधिकारियों के साथ इसकी उठक बैठक देखी गई है. अब पर्दाफाश हो गया.
भाई ने कहा विक्षिप्त है यह
साथ में पकड़े गए रितेश के बड़े भाई मुन्ना पंडित नगर थाने के पुलिस को बताया कि यह मेरा छोटा भाई है और विक्षिप्त है. मेरे पास ₹100 थे और उसने उसे गुलदस्ता खरीद लिया और मिलने के लिए चला गया. पुलिस पूरे मामले में आवेदन का इंतजार कर रही है कि जिलाधिकारी के तरफ से आवेदन आए ताकि प्राथमिकी की कार्रवाई की जा सके.
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क्या बोले थाना अध्यक्ष
पुलिस अधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि लिखित रूप में आवेदन का इंतजार किया जा रहा है. डीएम के तरफ से जैसे ही आवेदन आएगा प्राथमिकी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.
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