हरिहरनाथ मंदिर के पास अतिक्रमण से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी

विश्वप्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर अन्य मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सोनपुर. विश्वप्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर अन्य मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हरिहर क्षेत्र सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ का मंदिर शैव और वैष्णव मतों के संगम का प्रतीक माना जाता है, लेकिन यह स्थान आज अपनी गरिमा के अनुरूप स्थान और ब्यवस्था की कमी से जूझ रहा है. मंदिर के मुख्य द्वारों और पहुंच मार्गों पर अतिक्रमण ने न केवल श्रद्धालुओं की आस्था की राह कठिन कर दी है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. हरिहरनाथ मंदिर में सालों भर देश-विदेश से श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. विशेषकर सोमवार, पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे अवसरों पर यहाँ लाखों की भीड़ उमड़ती है. लेकिन मंदिर के मुख्य द्वार और आसपास के क्षेत्रों से लेकर मुख्य सड़कों पर अवैध गुमटियों, अस्थायी दुकानों और बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों ने पैदल चलना भी दूभर कर दिया है. सड़कों की चौड़ाई अतिक्रमण के कारण आधी रह गयी है, जिससे आये दिन यहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओ का कहना है कि अतिक्रमण के कारण मंदिर के आसपास का सुरक्षा घेरा भी कमजोर हो गया है. यदि कभी कोई आपातकालीन स्थिति या भगदड़ जैसी घटना होती है, तो अतिक्रमण के कारण एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ियों का वहां पहुंचना लगभग असंभव होगा. प्रशासन द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन अभियान समाप्त होते ही स्थिति जस की तस हो जाती है. रास्तों पर दुकानों के कब्जे के कारण वाहन चालक सड़कों पर ही गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर हैं, यह भी जाम का मुख्य कारण बनता है. सोनपुर के स्थानीय लोगो ने मंदिर न्यास समिति से जुड़े लोगों और जिला प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है.

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By ALOK KUMAR

ALOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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