saran News : सारण में स्टॉक के बावजूद हो रही है खाद की कालाबाजारी

सारण में रबी फसल की बुआई हो रही है और कई जगह समाप्त भी हो गयी है. इसके लिए किसानों को कई प्रकार के रासायनिक खाद की जरूरत पड़ रही है. लेकिन, इस जरूरत को कालाबाजारी अपना धंधा बना रहे हैं. किसानों को महंगी दर पर खाद की आपूर्ति हो रही है.

छपरा. सारण में रबी फसल की बुआई हो रही है और कई जगह समाप्त भी हो गयी है. इसके लिए किसानों को कई प्रकार के रासायनिक खाद की जरूरत पड़ रही है. लेकिन, इस जरूरत को कालाबाजारी अपना धंधा बना रहे हैं. किसानों को महंगी दर पर खाद की आपूर्ति हो रही है. किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही, तो आने वाले समय में किसान खेती करना बंद कर देंगे. जिले के सदर प्रखंड के किसान सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि रबी फसल की बुआई के लिए विभिन्न प्रकार की खाद की जरूरत पड़ रही है और हर खाद की बोरी पर कालाबाजारियों ने 100 से 200 रुपये रेट बढ़ा दिया है. कई जगह दुगनी कीमत पर खाद मिल रही है. किसान अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि डिपो से ही लापरवाही बरती जा रही है. हमेशा खाद की कमी बतायी जा रही है जिसकी वजह से इस तरह की परेशानी आ रही है. किसानों ने जिले के अधिकारियों को फोन करके बताया कि खाद की कालाबाजारी अभी से ही शुरू हो गयी है और तय दर पर खाद नहीं मिल रही है.

डीएम ने चेताया था : इसके पहले भी जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक में जिलाधिकारी अमन समीर ने अधिकारियों को चेताया था और उन लाइसेंसी उर्वरक विक्रेताओं को चिह्नित करने के निर्देश दिये थे कि जो फसल सीजन के दौरान बिक्री नहीं करते हैं और बाद में ऊंची दर पर बेचते हैं. उर्वरक की कालाबाजारी करने वाले नहीं बचेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि फसल सीजन के दौरान पंजीकृत डीलरों के पास स्टॉक उपलब्ध रहे. जब उनका स्टॉक समाप्त हो जाता है, तभी वे उच्च मूल्य पर खरीदारी के लिए किसी अन्य स्टॉकिस्ट के पास चले जाते हैं. पिछले छह माह में निष्क्रिय रहे लगभग 250 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इनका जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त किया जायेगा. इसके बाद जिले में नये डीलरों को लाइसेंस जारी किये जायेंगे, लेकिन इस आदेश के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रही है.

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