छपरा. आगामी छपरा विधि मंडल चुनाव के मद्देनजर चुनाव पदाधिकारी के चयन को लेकर विधि मंडल की आपातकालीन आम सभा बुलायी गयी. यह बैठक महामंत्री अमरेंद्र कुमार सिंह द्वारा आयोजित की गयी थी, क्योंकि सात दिन पूर्व हुई आम सभा में चुनाव पदाधिकारी का चयन नहीं हो सका था. महामंत्री अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राज्य विधिक परिषद पटना के नियमानुसार 35 वर्ष तक प्रैक्टिस करने वाले ही चुनाव अधिकारी के रूप में कार्य कर सकते हैं. इस आधार पर पहले के आम सभा में आये सात नामों में से तीन नाम जिसमें प्रथम नाम रामानंद प्रसाद सिंह दूसरा मोहर्रम अली तीसरा कल्याण किशोर का आया योग्य पाये गये. वहीं रामानंद प्रसाद सिंह ने स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण पद स्वीकार नहीं किया. मोहर्रम अली ने भी स्वास्थ्य कारणों से चुनाव अधिकारी बनने से इनकार कर दिया. इसके बाद नियमानुसार तीसरे व्यक्ति कल्याण किशोर को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया और आमसभा में इसे पारित किया गया. हालांकि, महामंत्री अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मोहर्रम अली की तरफ से कोई लिखित सूचना नहीं मिली है, इसलिए केवल वही चुनाव अधिकारी नियुक्त होंगे. इस निर्णय पर आम सभा में उपस्थित अधिवक्ताओं ने विरोध जताया और हंगामा शुरू हो गया. इस बीच अध्यक्ष गंगोत्री प्रसाद व महामंत्री अमरेंद्र कुमार सिंह सभा छोड़कर चले गये. इसके बाद अधिवक्ताओं ने बिहार राज्य विधिक परिषद पटना को पत्र भेजकर छपरा विधि मंडल में चुनाव पदाधिकारी की नियुक्ति अपने दिशा-निर्देशानुसार करने का अनुरोध किया, ताकि आगामी चुनाव समय पर कराया जा सके. आवेदन में सुमंत कुमार द्विवेदी पूर्व सहायक सचिव, वर्तमान कार्य समिति सदस्य, मंटू कुमार सिंह, रंजीत कुमार पांडे, अजय कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, बृजमोहन शर्मा, अभय कुमार मिश्रा, प्रियरंजन सिंह, अखिलेश सिंह, राकेश कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह, भिखारी राय, मदन मोहन सिंह, राजीव कुमार सिंह, कुमार गौरव, कुमार दीपक, विनय कुमार पांडे, विजय कुमार पांडे सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर किये और आम सभा में हो रही मनमानी के खिलाफ नारेबाजी की.
छपरा विधि मंडल की बैठक में चुनाव अधिकारी की नियुक्ति को लेकर हुआ हंगामा
आगामी छपरा विधि मंडल चुनाव के मद्देनजर चुनाव पदाधिकारी के चयन को लेकर विधि मंडल की आपातकालीन आम सभा बुलायी गयी.
