Administrative Inspection: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से सदर अनुमंडल अंतर्गत रिविलगंज अंचल के जान टोला का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए संचालित सामुदायिक किचेन का जायजा लिया. अधिकारियों ने बाढ़ के पानी के घटते जलस्तर की स्थिति का भी निरीक्षण किया.
डीएम ने अंचलाधिकारी रिविलगंज सहित सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जलस्तर पूरी तरह कम होने के बाद प्रभावित स्थल पर तत्काल साफ-सफाई और संक्रमणरोधी उपाय सुनिश्चित कराये जाएं. इसके तहत चूना, ब्लीचिंग पाउडर और गेमक्सिन पाउडर आदि का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया, ताकि बाढ़ के बाद महामारी जनित बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके.
जलस्तर घटने के बाद स्वच्छता पर रहेगा विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ का पानी निकलने के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. संबंधित अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में नियमित निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार साफ-सफाई एवं सैनिटाइजेशन का कार्य कराने को कहा गया.
गड़खा में बाढ़ प्रभावित पशुओं के लिए विशेष चिकित्सा शिविर
इधर, गड़खा प्रखंड की मौजमपुर पंचायत में पशुपालन विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित पशुओं के लिए विशेष पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है. शिविर में भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी गड़खा, जिल्काबाद, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी नाराव सहित विभागीय कर्मी मौजूद हैं.
शिविर में बाढ़ प्रभावित और बीमार पशुओं की मुफ्त जांच की जा रही है. जरूरत के अनुसार पशुओं को दवाएं भी उपलब्ध करायी जा रही हैं. पशुपालकों को पशुओं की देखभाल और उपचार को लेकर चिकित्सीय परामर्श भी दिया जा रहा है.
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ का पानी घटने के बाद स्वच्छता और संक्रमण से बचाव के उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है.
