बिछेंगी तीन वैकल्पिक केबल लाइनें
बीएसएनएल अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के प्रति तत्पर है. अपने उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयासरत बीएसएनएल ने तीन वैकल्पिक केबल लाइनें बिछाने का मार्ग ढूंढ़ा है. मालूम हो कि बीएसएनएल के उपभोक्ताओं को इन दिनों कॉल ड्रॉप, नो नेटवर्क एरिया आदि समस्याओं से लगातार जूझना पड़ रहा है. इससे कई उपभोक्ताओं ने बीएसएनएल से नाता तोड़ कर अन्य कंपनी के नेटवर्क को अपना लिया है. इन्हीं उपभोक्ताओं में अपना विश्वास बढ़ाने के लिए बीएसएनएल कृतसंकल्पित है.
छपरा (सदर) : बीएसएनएल के पदाधिकारी प्रमंडल में प्रतिदिन औसतन चार से पांच अंडरग्राउंड केबल प्रतिदिन कटने के पीछे सड़क निर्माण कंपनियों की मनमानी व प्रशासनिक उदासीनता बताते हैं. वहीं, इस समस्या से निजात के लिए मंडल महाप्रबंधक व उनके पदाधिकारियों की टीम पूरे प्रमंडल में लगी 171 बीटीएस से जुड़े संचार उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने में लग गयी है. नेटवर्क सुविधा ठीक करने के लिए बीएसएनएल के जीएम व उनके पदाधिकारियों ने तीन वैकल्पिक मार्ग निर्माण के लिए पटना परिमंडल के विकास महाप्रबंधक को प्रस्ताव भेजते हुए इस पर कार्य करने शुरू भी कर दिया है.
वैकल्पिक मार्ग से घटेगी दूरी, सुधरेगा नेटवर्क : बीएसएनएल के महाप्रबंधक की माने तो वैकल्पिक मार्ग होने से केबल नेटवर्क की दूरियां 75 फीसदी कम हो जायेंगी. इससे केबल के कटने तथा अन्य समस्याओं में काफी कमी आयेगी. उन्होंने बताया कि छपरा-आरा के बीच बन रहे पुल से होकर एक केबल लाइन बिछायी जायेगी. इससे मोबाइल या अन्य संचार सुविधाओं के ग्राहकों को संचार सुविधा में जहां सहूलियत होगी, वहीं बीएसएनएल के प्रति विश्वास बढ़ेगा. जीएम की मानें, तो उपभोक्ताओं को बेहतर संचार सुविधा देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है.
आरा, बीएसएनएल कार्यालय से जुड़ी बीटीएस सुविधा बदतर : बीएसएनएल जीएम की मानें, तो आरा स्थित बीएसएनएल कार्यालय में जेड टीइ कोरियन कंपनी का बीएससी (बेस स्विचिंग कंट्रोलर) लगाया गया है. परंतु, इसके केबल की दूरी लगभग 500 किलोमीटर होने के कारण कहीं-न-कहीं केबल कटने या अन्य समस्या आने से उपभोक्ताओं के साथ-साथ विभाग भी परेशान रहता है.
अब छपरा, बलिया, बक्सर, आरा केबल लाइन बिछायी जायेगी तो डिस्टेंस भी बहुत कम होगा. जिससे केबल कटने की समस्या में भारी कमी आयेगी. वहीं, सारण जिले में लगी इरिक्शन कंपनी की बीएससी के अधिकतर पार्ट्स खराब होने के कारण भी मोबाइल उपभोक्ताओं को नेटवर्क मिलना मुश्किल हो जाता है.
