छपरा (सारण) : मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम को प्राथमिकता के आधार पर कार्यान्वित करें. उक्त बात क्षेत्रीय स्वास्थ्य अपर निदेशक डॉ बीके उपाध्याय ने दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन करते हुए कही. उन्होंने कहा कि मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध कराया जाना है. यह सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपलब्ध है.
उन्होंने प्रसव पूर्व जांच को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे जटिल गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान हो सकेगी. इससे प्रसव के दौरान होनेवाली मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकेगा. उन्होंने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण का समुचित ढंग से सदुपयोग करने पर बल दिया. इसके लिए उन्होंने सरकार द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों पर प्रकाश डाला और इसका अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया. उन्होंने प्रत्येक माह के सात एवं 21 तारीख को सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन करने का निर्देश दिया और कहा कि इस तिथि को सभी प्रखंडों में कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. इसमें चिह्नित जटिल प्रसव वाली महिलाओं को विशेष सेवाएं प्रदान की जायेंगी.
उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों में जटील गर्भावस्था वाली महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराने के लिए आपातकालीन कक्षों में आवश्यक प्रबंध करने की सख्त हिदायत दी. इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्य योजना बनाने और पदाधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने प्रत्येक जटिल गर्भावस्था वाली महिलाओं का शत-प्रतिशत प्रसव एवं देखभाल के लिए मॉनीटरिंग करने का निर्देश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिया.
सिविल सर्जन को भी इसकी मॉनीटरिंग करने का निर्देश दिया. इस अवसर पर गोपालगंज के सिविल सर्जन डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा, सारण के एसीएमओ डॉ अनिल कुमार सिन्हा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शंभुनाथ सिंह, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक अनिशा, अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद, डीपीसी रमेश चंद्र, डीसीएम विज्येंद्र कुमार सिंह के अलावा जिले के सारण तथा सीवान एवं गोपालगंज के सभी चिकित्सा पदाधिाकरियों, स्वास्थ्य प्रबंधकों ने भाग लिया.
