जिले के आला अधिकारी साधे हैं चुप्पी
मनरेगा मजदूरों में मचा हाहाकार
कुर्था (अरवल) : स्थानीय प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों प्रायोजित योजना मनरेगा दुधारू गाय साबित हो रही है. उक्त योजनाओं को नियम के ताक पर रख कर करवाये जा रहे हैं कार्य बावजूद जिले के आला अधिकारी से लेकर प्रखंड के अधिकारी इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाते दिख रहे हैं. इससे स्पष्ट होता है कि कही न कहीं अधिकारियों की भी संलिप्तता है. हालांकि मनरेगा कार्यालय का रोषपूर्ण घेराव किया गया था तथा बीडीओ को आवेदन दे मजदूरों ने उल्लेख किया था कि प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा का कार्य नियमों को ताक पर रख कर हो रहा है.
मनरेगा का कार्य जेसीबी से कराया जा रहा है. मजदूर दाने-दाने को मुहताज हैं. इस पर बीडीओ द्वारा कार्रवाई की बात कही गयी थी, परंतु अबतक कोई कार्रवाई न हो सकी. इस बाबत भाकपा माले के प्रखंड सचिव महेश यादव ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा का कार्य नियमों को ताक पर रख कर हो रहा है तथा मनरेगा का कार्य जेसीबी से कराया जा रहा है जिसमें प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी से लेकर अरवल डीडीसी तक संलिप्त हैं.
इसके कारण प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा अपने लक्ष्य से भटकता दिख रही है. अधिकारियों को अबतक इस मामले पर कोई ध्यान आकृष्ट नहीं हो रहा है. पूछने पर अरवल उपविकास आयुक्त विंदेश्वरी प्रसाद ने कहा कि आप लोग हवा में बात कर रहे हैं. ब्लेकमेल करना चाहते हैं.हमको फोटो दीजिए साइट बताइये कार्रवाई होगी, परंतु अबतक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी. यहां तक कि लोग निडर हो मनरेगा का कार्य जेसीबी से करा कर राशि भी भुगतान पर रहे हैं. आखिर अधिकारी इस मामले में इतना गंभीर क्यों नहीं दिख रहे हैं.
