नगरा-जलालपुर व नगरा-गड़खा सड़कें बदहाल

नगरा : नगरा-जलालपुर व नगरा-गड़खा सड़कों में कितने गड्ढ़े हैं, यह विभाग नहीं बता सकता. कितने सालों से यह स्थिति है, यह भी उसे पता नहीं. जिम्मेवार विभाग यह बताने में भी असमर्थ है कि आखिर उसके पास क्या योजना है. इसे कैसे मूर्त रूप दिया जायेगा. इस सड़क में कई स्थानों पर सड़क इतनी […]

नगरा : नगरा-जलालपुर व नगरा-गड़खा सड़कों में कितने गड्ढ़े हैं, यह विभाग नहीं बता सकता. कितने सालों से यह स्थिति है, यह भी उसे पता नहीं. जिम्मेवार विभाग यह बताने में भी असमर्थ है कि आखिर उसके पास क्या योजना है. इसे कैसे मूर्त रूप दिया जायेगा. इस सड़क में कई स्थानों पर सड़क इतनी खतरनाक हो चुकी है कि इस पर चलनेवालों को कलेजा थाम लेना पड़ता है.
नगरा चौक से जलालपुर रोड में गुजरनेवाले अक्सर ट्रैक्टर, बस, टेंपो, जीप, कमांडर, ट्रक आदि गड्ढ़े में फंस जाते हैं. इसके बाद चालकों द्वारा काफी कठिनाइयों के बाद निकाला जाता है. उस गड्ढ़े को कूड़ेदान के रूप में आसपास के लोग इस्तेमाल करते हैं.
शायद किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है विभाग. दशकों से इस सड़क का जीर्णोद्धार नहीं हो पाया है. इस रोड पर पिच का नामोनिशान मिट चुका है. बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने के बाद वाहन चालकों को पता ही नहीं चलता है कि कहां कितना गड्ढा है. कहां गड्ढा है, कहां समतल. सड़क पर चलने के बजाय लोग पगडंडी पर चलना ज्यादा सुरक्षित समझते हैं. इस सड़क से रोजाना आने-जाने वालों की संख्या आज भी कम नहीं है. कोई सरकारी, तो कोई निजी काम से और कोई कुछ सामान खरीदने और कोई सामान बेचने आता-जाता रहता है. कभी-कभी सड़क के गड्ढों के बीच की सड़क पर बार-बार बचने की कोशिश में हादसे हो ही जाते हैं. सड़क का निर्माण नहीं होने से लोगों में काफी नाराजगी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >