गड़बड़ी. कब्जे के िववाद में कई बार हो चुकी है मारपीट, पुलिस होती हलकान

सरकारी आवास ‘किराये’ पर तबादला व सेवानिवृत्त होने के बाद सरकारी कर्मचारी आवास नहीं खाली करते हैं और इनको रेंट पर लगा देते हैं. इससे कई बार फसाद भी हो चुके हैं, जिससे विधि-व्यवस्था गड़बड़ हो जाती है. कब्जे को लेकर कई बार मारपीट भी हो चुकी है, जो पुलिस के सिरदर्द बन जाती है. […]

सरकारी आवास ‘किराये’ पर

तबादला व सेवानिवृत्त होने के बाद सरकारी कर्मचारी आवास नहीं खाली करते हैं और इनको रेंट पर लगा देते हैं. इससे कई बार फसाद भी हो चुके हैं, जिससे विधि-व्यवस्था गड़बड़ हो जाती है. कब्जे को लेकर कई बार मारपीट भी हो चुकी है, जो पुलिस के सिरदर्द बन जाती है.
मामले को ले िवभागीय अधिकारी उदासीन
छपरा (सारण) : स्थानांतरित तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के सरकारी आवासों पर अवैध कब्जे के कारण विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही है तथा सरकारी राजस्व की भी हानि हो रही है. कई विभागों के सरकारी आवासों पर अवैध कब्जा कायम है. सरकारी कर्मियों द्वारा विभागीय आवासों को किराया पर भी चलाया जा रहा है. इसके प्रति विभागीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं.
स्थानांतरित तथा सेवानिवित कर्मियों के द्वारा अवैध कब्जा किये जाने से वर्तमान समय में कार्यरत कर्मियों को आवास की कमी से जूझना पड़ रहा है. अवैध कब्जाधारी आपस में मारपीट कर रहे है. इसको लेकर गंभीर विधि व्यस्था की समस्या भी उत्पन्न हो रही है.

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