दिघवारा : अगर नगर क्षेत्र में सरकारी जमीन उपलब्ध हो गया, तो नगर के छह वार्डों में सामुदायिक शौचालय बनाये जायेंगे. इन सामुदायिक शौचालयों में शौचालय के साथ यूरिनॉल की व्यवस्था रहेगी. शौचालयों के निर्माण के लिए नगर प्रशासन वार्ड 03,05,07,13,16 व 17 में जगह तलाश रही है. अगर जमीन उपलब्ध हुआ, तो सैदपुर, गांधी मैदान, चकनूर, अांबेडकर चौक, बसतपुर व जनविकास केंद्र, बसतपुर के समीप सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जायेगा.
बन सकता है सामुदायिक शौचालय व विद्युत शवदाह गृह
दिघवारा : अगर नगर क्षेत्र में सरकारी जमीन उपलब्ध हो गया, तो नगर के छह वार्डों में सामुदायिक शौचालय बनाये जायेंगे. इन सामुदायिक शौचालयों में शौचालय के साथ यूरिनॉल की व्यवस्था रहेगी. शौचालयों के निर्माण के लिए नगर प्रशासन वार्ड 03,05,07,13,16 व 17 में जगह तलाश रही है. अगर जमीन उपलब्ध हुआ, तो सैदपुर, गांधी […]

डीपीआर तैयार, एक शौचलय पर खर्च होंगे ढाई लाख : गंगा की स्वच्छता बनाये रखने के लिए नमामि गंगे योजना के तहत सामुदयिक शौचालय बनाने की कार्य योजना है. एक जग हपर जहां सामुदायिक शौचालय बनाये जायेंगे. वहां पर पुरूष व महिला के लिए आठ-आठ शौचालयों व सात यूरिनॉल की व्यवस्था रहेगी. एक सामुदायिक शौचालय पर लगभग ढाइ लाख की राशि खर्च होगी. इसके लिए डीपीआर तैयार हो गया है.
आमी में बन सकता है विद्युत शवदाह गृह : गंगे योजना से ही प्रखंड क्षेत्र में विद्युत शव दाह गृह बनाने की योजना की जा रही है. जगह मिलने पर विद्युत शवदाह गृह का निर्माण होगा. शवदाह गृह के लिए डीपीआर तैयार हो चुका है. इस कार्य में लगभग साढ़े पांच करोड की राशि खर्च का अनुमान है.
जरूरतमंद को नहीं मिल सकेगा आवास का लाभ
सबके लिए आवास योजना के तहत नगरवासियों में जरूरतमंद लोगों को मकान बनवाने के लिए राशि का इंतजार था, मगर इस वित्तीय वर्ष में किसी भी जरूरतमंद लोगों को आवास का लाभ नहीं मिल सकेगा, क्योंकि स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इस वित्तीय वर्ष में इुच्छुक लोग आवास का लाभ लेने से वंचित रह जायेंगे. अब अगले वित्तीय वर्ष में ही घर का सपना पूरा हो जायेगा. कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि नियमों में समय-समय पर बदलाव होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है.
इच्छुक नगरवासी कैसे करें आवेदन
नगर के क्षेत्र में मकान बनाने को इच्छुक नगरवासी नगर कार्यालय में उपलब्ध नक्शा पास करानेवाले फाॅर्म को खरीद कर उस फाॅर्म में वर्णित बिंदुओं को भर कर नक्शा पास कराने का आवेदन कर सकते हैं. जिस मकान में निमार्णकर्ता के पास प्रस्तावित मकान को लेकर नक्शा बना हुआ वह नक्शा के साथ आवेदन पत्र संलग्न करेंगे, जिसे आर्टीटेक्चर द्वारा जांचा जायेगा. अगर नक्शा बिल्डिंग बाइलॉज की शर्तों को पूरा करता होगा तो नक्शा पास कर दिया जायेगा और जिन निर्माणकर्ता के पास नक्सा नहीं होगा.
वे लोग आर्टीटेक्चर के बताये सुझाव के अनुसार बिल्डिंग बाइलॉज की शर्तों को मानते हुए किसी अन्य से नक्शा बनवा सकते हैं. नक्शा पास कराने के लिए इच्छुक नगरवासी को चार रुपये प्रति स्कावर फुट की दर से चार्ज देना होगा.