‘सुविधा एक्सप्रेस’ से बिहार व यूपी के बीच घटी दूरी

दिघवारा : दीघा पहलेजा पुल पर बुधवार से यात्री ट्रेनों की शुरुआत होने से यात्रियों में खुशी की लहर है. वहीं, यात्रियों की उम्मीदें भी अब जोर पकड़ने लगी हैं. उनलोगों को भरोसा है कि जल्द ही पाटलीपुत्र से सोनपुर व पाटलीपुत्र से परमानंदपुर रूट में रेल मंत्रालय द्वारा ट्रेनों की संख्या बढ़ाया जायेगा. ताकी […]

दिघवारा : दीघा पहलेजा पुल पर बुधवार से यात्री ट्रेनों की शुरुआत होने से यात्रियों में खुशी की लहर है. वहीं, यात्रियों की उम्मीदें भी अब जोर पकड़ने लगी हैं. उनलोगों को भरोसा है कि जल्द ही पाटलीपुत्र से सोनपुर व पाटलीपुत्र से परमानंदपुर रूट में रेल मंत्रालय द्वारा ट्रेनों की संख्या बढ़ाया जायेगा. ताकी ज्यादा-से-ज्यादा यात्री ट्रेनों से राजधानी तक पहुंच सके. रेल बजट में भी इस रूट से कई ट्रेनों के चलाने संबंधित प्रस्ताव पास होने को लेकर रेल यात्री आशान्वित है.

यूपी व बिहार में बढ़ेंगी नजदिकियां : नॉर्थ गेटवे ऑफ बिहार के नाम से मशहूर दीघा पहलेजा पुल की शुरूआत हो जाने के बाद बिहार व यूपी की दूरियां कम होंगी एवं उत्तर बिहार के अलावा दक्षिणी बिहार के विभिन्न जिलों के लोग भी उत्तर प्रदेश से जुड़ सकेंगे. पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, बलिया व वाराणसी आदि क्षेत्रों के लोगों का भी बिहार से संपर्क बढ़ेगा.
सीमावर्ती नेपाल जाने की दूरी भी कम होगी. साथ ही साथ बॉडर के आस-पास अवस्थित कई जिलों तक यात्री आसानी से पहुंच सकेंगे.
आपस में जुड़ेंगे कई धार्मिक स्थल : ट्रेनों के सहारे धार्मिक यात्रा करनेवाले श्रद्धालुओं की परेशानियां घटेंगी, कई धार्मिक जगह आपस में जुड़ जायेंगे. महाबोधि मंदिर, गया, पटनदेवी, पटना, हिरहरनाथ मंदिर, सोनपुर, बाबा गरीबानाथ मंदिर, मुजफ्फरपुर व विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी समेत कई धार्मिक स्थलों की यात्रा ट्रेन से आसानी से हो सकेगी.
नौकरी पेशा लोगों को होगा फायदा : ट्रेनों की शुरूआत हो जाने के बाद सबसे ज्यादा खुशी नौकरी पेशा लोगों में देखी जा रही है. छपरा व मुजफ्फरपुर समेत विभिन्न जिलों में नौकरी करने वाले लोगों का मानना है कि अब वे लोग ट्रेन के सहारे समय पर ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर ड्यूटी के बाद वापस घर लौट जायेंगे. महात्मा गांधी सेतु पुल पर बराबर लगने वाले घंटों जाम से मुक्ति मिलेगी.
गरीब विद्यार्थी भी कर सकेंगे पटना में पढ़ाई : कल तक जो विद्यार्थी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पटना में रहकर अच्छे कॉलेज, कोचिंग व संस्थानों में नहीं पढ़ पाते थे,
वे विद्यार्थियों की मुश्किलें दूर होंगी. विद्यार्थी अपने घरों से ट्रेन के सहारे राजधानी पहुंचकर पढ़ाई पूरा करते हुए शाम तक अपने घरों को लौट जायेंगे. विद्यार्थियों को डॉ इंजीनियर बनने का सपना कमजोर आर्थिक स्थित का भेट नहीं चढेगा.
रोगियो व किसानों को भी होगी सहूलियत : पुल के सहारे अब कई जिलों के रोगी कम समय में पटना पहुंच सकेंगे जाम में अब किसी रोगी का काम तमाम नहीं होगा. पटना एम्स, इंदिर गांधी आर्युविज्ञान संस्थान, महावीर कैंसर संस्थान, पीएमसीएच समेत कई निजी क्लिनीकों तक पहुंचने में रोगियों को कम वक्त लगेगा.
समय पर इलाज हो जाने से जान जाने की संभावना कम होगी. उधर, किसान भी कृषि के दरम्यान प्रयोग में आने वाले उपकरणों के अलावा किट नाशक व बीज समेत कई आवश्यक सामान राजधानी के बाजारों से खरीदकर ट्रेनों से आसानी से अपने घरों तक ले जायेंगे. खेतों में हरियाली लौटेगी.

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