फरवरी में 15 हजार कन्या सुरक्षा योजना का बांड वितरण का लक्ष्य
छपरा (सदर) : आंगनबाड़ी केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिली, तो सिर्फ सेविका-सहायिका पर ही नहीं बल्कि पर्यवेक्षिका, सीडीपीओ व अन्य पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी. स्वास्थ्य मध्याह्न योजना, आंगनबाड़ी केंद्र एवं छात्रवृत्ति वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितताएं एवं शिकायतें बरदाश्त नहीं की जायेंगी. यह निर्देश डीएम दीपक आनंद ने साप्ताहिक समीक्षा के दौरान दिया.
डीएम ने डीपीओ आइसीडीएस को निर्देश दिया कि सुदूर क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के नहीं खुलने तथा यदि खुलते भी हैं, तो बच्चों के नहीं आने की शिकायत मिलती है. ऐसी स्थिति में ऐसे सभी केंद्रों को चिह्नित कर अविलंब कार्रवाई करें. वहीं, फरवरी में कल्याण सुरक्षा योजना के तहत कैंप लगा कर 15 सौ बांड बांटने तथा प्रतिमाह एक हजार बांड बांटने का लक्ष्य भी डीएम ने निर्धारित किया.
सात तक सीएम जनता दरबार के मामलों की कार्रवाई रिपोर्ट दें :
डीएम ने जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के लंबित मामलों की समीक्षा के क्रम में पाया कि डीइओ के पास 74, अग्रणी बैंक प्रबंधक के पास 22, कार्यपालक विद्युत अभियंता के यहां 24, ग्रामीण कार्य प्रमंडल 2 के यहां 28, डीपीओ आइसीडीएस के यहां 48, डीएओ के यहां 20 मामले लंबित हैं. उन्होंने इसके निष्पादन की अंतिम तिथि सात फरवरी निर्धारित करते हुए कहा कि यदि सात फरवरी तक कार्रवाई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई, तो संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई होगी.
