जेपीविवि में ऑन लाइन एडमिशन में फंसेगा पेच नहीं है पूर्ण रूप से सुविधायूजीसी ने ऑनलाइन एडमिशन का दिया है निर्देश संवाददाता, छपराजयप्रकाश विश्वविवद्यालय में नये वर्ष में नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन हो पायेगी, यह संभव प्रतीत नहीं हो रहा. हालांकि विश्वविद्यालय के पदाधिकारी इसकी कवायद करने की बात कह रहे हैं. बताते चलें कि यूजीसी ने नये सत्र से जेपीविवि समेत सभी विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया अपनाने का आदेश दिया है. किंतु जेपी विश्वविद्यालय और कॉलेजों की स्थिति यह है कि ये सभी ऑन लाइन एडमिशन से दूर दिखाई दे रहे हैं. इसकी मूल वजह विश्वविद्यालय व कॉलेजों में तकनीकी सुविधाओं की कमी मानी जा रही है. जेपीविवि में स्थिति सबसे खराब बतायी जा रही है. कुछ काॅलेजों को छोड़ दें, तो विश्वविद्यालय का कंप्यूटर और ऑनलाइन सिस्टम केवल नाम का ही है. यहां तक कि इसकी वेबसाइट भी मात्र ऑपचारिकता का ही निर्वहण करती है. काफी पुरानी सूचनाएं ही वेबसाइट पर मौजूद रहती है. यूजीसी के निर्देश के अनुसार, ऑन लाइन एडमिशन के लिए यह जरूरी है कि विश्वविद्यालय का कंप्यूटर सेंटर मजबूत हो. लेकिन, इस मामले में विश्वविद्यालय काफी पीछे है. तकनीकी रूप से इसे विकसित करने की दिशा में पिछले कुछ वर्षों में यहां कई योजनाएं बनीं. विश्वविद्यालय को वाइ-फाइ से लैस करने, विश्वविद्यालय को कंप्यूटरीकृत करने, अधिकारियों को प्रशिक्षित करने व कंप्यूटर फ्रेंडली बनाने, सभी कॉलेजों का ऑन लाइन नेटवर्क से जोड़ने समेत ऐसी कई योजनाएं पूरी तरह से ठप हैं. जैसे-तैसे चल रही है वेबसाइटविवि की वेबसाइट को भी जैसे-तैसे चलाया जाता है. कई महीनों तक उसे अपडेट नहीं किया जाता है. कोई भी सूचना उस पर जारी करने से पहले ही छात्र-छात्राओं को विभागों से ही जानकारी मिल जाती है. वेबसाइट अगर अपडेट हो, तो कई समस्याओं का समाधान हो सकता है.
जेपीविवि में ऑन लाइन एडमिशन में फंसेगा पेच
जेपीविवि में ऑन लाइन एडमिशन में फंसेगा पेच नहीं है पूर्ण रूप से सुविधायूजीसी ने ऑनलाइन एडमिशन का दिया है निर्देश संवाददाता, छपराजयप्रकाश विश्वविवद्यालय में नये वर्ष में नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन हो पायेगी, यह संभव प्रतीत नहीं हो रहा. हालांकि विश्वविद्यालय के पदाधिकारी इसकी कवायद करने की बात कह रहे हैं. बताते चलें कि यूजीसी […]
